गंगापुर में गौवंश की दयनीय स्थिति पर उठे सवाल, जिम्मेदार कौन?

स्मार्ट हलचल|गंगापुर शहर में निराश्रित गौवंश की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गौवंश भूखे-प्यासे भटकते हुए कचरा, प्लास्टिक और गंदगी खाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी जान पर बन आई है। कई स्थानों पर घायल एवं बीमार गौवंश भी तड़पते नजर आते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जागरूक नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब एक ओर गौमाता के संरक्षण और सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, आंदोलन किए जाते हैं, ज्ञापन दिए जाते हैं, तो दूसरी ओर गंगापुर में गौवंश की ऐसी दुर्दशा क्यों हो रही है? यदि वास्तव में गौसेवा की भावना है तो धरातल पर कार्य दिखाई देना चाहिए।
नागरिकों का कहना है कि शिकायत करने पर समाधान के बजाय शिकायतकर्ताओं को ही नजरअंदाज किया जाता है, जबकि गौवंश की पीड़ा लगातार बढ़ती जा रही है। शहरवासियों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं गौसेवा संगठनों से मांग की है कि निराश्रित गौवंश को तत्काल सुरक्षित गौशाला पहुंचाया जाए, हरा चारा, पानी एवं चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा कचरा स्थलों पर पशुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
गंगापुर के नागरिकों ने कहा कि अब समय आ गया है कि दिखावे की राजनीति छोड़कर वास्तविक सेवा कार्य किए जाएं। शहर का नेतृत्व वही करे जो जनता, गौवंश और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर ईमानदारी से कार्य करे।
जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र कार्यवाही की मांग की है।