हाईकोर्ट सख्त: पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश, बुजुर्ग की सुरक्षा पर जताई चिंता

धमकी व अभद्रता के आरोपों के बीच कोर्ट का दखल, DGP से मांगा जवाब; 8 मई को अगली सुनवाई

जोधपुर/स्मार्ट हलचल|भीलवाड़ा राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। न्यायमूर्ति फरजंद अली की एकलपीठ ने दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे संबंधित क्षेत्र से दूर रखने के निर्देश दिए हैं।
मामले में याचिकाकर्ता सीनियर सिटिजन व वरिष्ठ पत्रकार अनिल राठी ने आरोप लगाया है कि राजपाल सिंह ने फोन पर उनके साथ गाली-गलौच की और जान से मारने की धमकी दी। कोर्ट ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए कहा कि एक बुजुर्ग, जिसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उसे भयमुक्त वातावरण में जीने का अधिकार है।
अदालत ने गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को आदेश की प्रति भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि दोषी अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि संबंधित अधिकारी को उस क्षेत्र से दूर रखा जाए, ताकि किसी प्रकार का दबाव या उत्पीड़न न हो।
कोर्ट ने राज्य सरकार से अब तक की गई कार्रवाई पर जवाब तलब करते हुए अगली सुनवाई 8 मई 2026 निर्धारित की है, जहां DGP से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
कड़ा संदेश—अगर कानून के रक्षक ही आरोपों में घिरेंगे, तो न्यायालय सीधे हस्तक्षेप करेगा।