बूंदी, 4 मई।स्मार्ट हलचल|प्राचीन, ऐतिहासिक और धार्मिक विरासतों के लिए विख्यात ‘छोटी काशी’ यानी बूंदी शहर की धरोहरों को बदरंग करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। शहर की ऐतिहासिक इमारतों, कुंडों, बावड़ियों और अन्य दर्शनीय स्थलों पर पोस्टर चिपकाकर प्रचार करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया हैं।जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं। गौरतलब है कि प्रशासन के संज्ञान में लगातार यह बात आ रही थी कि कुछ लोग और संस्थाएं अपने निजी फायदे व प्रचार-प्रसार के लिए शहर की बेशकीमती ऐतिहासिक इमारतों का दुरुपयोग कर रहे हैं। इन विरासतों की दीवारों पर धड़ल्ले से विज्ञापन और पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं, जिससे इनका मूल स्वरूप और ऐतिहासिक सौंदर्य नष्ट हो रहा है।
अधिनियम 2006 के तहत होगी कार्यवाही
धरोहरों के इस तरह हो रहे नुकसान को लेकर जिला कलक्टर ने नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिए हैं। अब यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था ऐतिहासिक इमारतों पर पोस्टर लगाता हुआ या उन्हें किसी भी रूप में विरूपित करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ ‘राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2006’ के तहत तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की जाएगी।
दर्ज होगी नामजद रिपोर्ट
प्रशासनिक निर्देशों के बाद नगर परिषद ऐसे लोगों और संस्थाओं को चिन्हित कर रही है जो इन इमारतों का दुरुपयोग कर रहे हैं। नियम तोड़ने वालों से न केवल भारी जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि संबंधित थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) भी दर्ज कराई जाएगी।
