संतों के चरणों में बसते हैं चारों धाम, उनके दर्शन मात्र से कट जाते हैं जन्म-जन्मांतर के पाप; भक्ति रस में डूबा बरनाघर
सांवर मल शर्मा
आसीन्द (भीलवाड़ा): राजस्थान की पावन धरा के भीलवाड़ा जनपद अंतर्गत आसीन्द क्षेत्र में स्थित सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय तीर्थ स्थल बैकुण्ठ धाम, बरनाघर में 03 मई से 09 मई 2026 तक आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव में आज संतों की महिमा का अद्भुत प्रसंग सुनाया गया। कथा के विशेष सत्र के दौरान अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक अनमोल श्री जी ने ‘संत महिमा’ और ‘सत्संग के महत्व’ पर अत्यंत प्रभावशाली व्याख्यान दिया। इस प्रसंग को सुनकर पांडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरा परिसर संतों के जयकारों से गूँज उठा।
संत हृदय नवनीत समाना: अनमोल श्री
कथा का वाचन करते हुए अनमोल श्री जी ने बड़े ही सुंदर ढंग से समझाया कि जिस प्रकार गंगा पापों को धोती है और चंद्रमा ताप को मिटाता है, उसी प्रकार एक सच्चे संत के दर्शन मात्र से मनुष्य के भीतर के अज्ञान का अंधकार मिट जाता है। उन्होंने कहा कि “संतों का हृदय मक्खन के समान कोमल होता है, जो दूसरों के दुःख को देखकर पिघल जाता है।” अनमोल श्री जी ने बताया कि भगवान भी संतों के पीछे-पीछे चलते हैं क्योंकि संतों का जीवन केवल परोपकार और लोक कल्याण के लिए समर्पित होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि जीवन में जब भी अवसर मिले, संतों का सानिध्य अवश्य प्राप्त करें क्योंकि सत्संग के बिना विवेक पैदा नहीं होता।
03 से 09 मई तक भक्ति के रंग में रंगा बरनाघर
03 मई से शुरू हुए इस आध्यात्मिक महाकुंभ में प्रतिदिन जनसैलाब उमड़ रहा है। महन्त श्री सुरेशदासजी महाराज के दिव्य सानिध्य में आयोजित यह सात दिवसीय महोत्सव 09 मई तक चलेगा। कथा स्थल पर सुबह से ही ‘जय श्री देवनारायण’ और ‘जय श्री हरि’ के गगनभेदी उद्घोषों के बीच एक अलौकिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है और पांडाल का हर कोना भक्तों की उपस्थिति से खचाखच भरा नजर आ रहा है।
भजन संकीर्तन पर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
प्रवचनों के साथ-साथ जब अनमोल श्री जी ने संतों की महिमा पर आधारित मधुर भजनों की प्रस्तुति दी, तो श्रद्धालु अपनी सुध-बुध खोकर झूमने लगे। उपस्थित भक्तों का कहना है कि अनमोल श्री जी की वाणी में वो सामर्थ्य है जो गूढ़ आध्यात्मिक विषयों को भी सरल उदाहरणों के माध्यम से सीधे हृदय तक पहुँचा देती है। संतों के सम्मान और उनकी सेवा के महत्व को सुनकर कई श्रद्धालु भावुक हो उठे।
डिजिटल माध्यम से लाखों भक्तों ने लिया पुण्य लाभ
इस भव्य आयोजन की गूँज भीलवाड़ा की सीमाओं को लांघकर देश-विदेश तक पहुँच रही है। अनमोल श्री जी के आधिकारिक यूट्यूब चैनलों और फेसबुक पेज पर इस कथा का सीधा प्रसारण देखा जा रहा है। 03 मई से अब तक लाखों श्रद्धालुओं ने डिजिटल माध्यम से इस ज्ञान गंगा का लाभ उठाया है। लोग सोशल मीडिया पर कमेंट्स के माध्यम से इस पावन आयोजन और अनमोल श्री जी के विचारों की जमकर सराहना कर रहे हैं।
आयोजन समिति की व्यवस्थाएं और अपील
वैकुण्ठ धाम मंदिर ट्रस्ट और आयोजन समिति ने इस सात दिवसीय अनुष्ठान के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। शुद्ध पेयजल, बैठने की उत्तम व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हो रही है। समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों से विनम्र अपील की है कि वे 09 मई तक चलने वाली इस कथा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समापन के दिन होने वाले विशाल भंडारे में शामिल होकर महाप्रसाद ग्रहण करें।
