प्रशासन की सख्त चेतावनी: मानसून में जर्जर भवनों में रहना जान पर पड़ सकता है भारी, खाली करने के आदेश

प्रशासन की सख्त चेतावनी: मानसून में जर्जर भवनों में रहना जान पर पड़ सकता है भारी, खाली करने के आदेश

अनिल कुमार, स्मार्ट हलचल। ब्यावर। मानसून के आगमन और आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका ने जनहानि रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 243 (1), (2) और (3) के तहत एक सार्वजनिक सूचना जारी कर क्षेत्र के सभी जर्जर और खतरनाक भवनों के मालिकों को आगाह किया गया है।

100 साल पुराने भवनों पर विशेष नजर

नगर पालिका द्वारा जारी सूचना के अनुसार, ऐसे भवन जो 100 वर्ष से अधिक पुराने हो चुके हैं अथवा जर्जर स्थिति में हैं, वे निवास या व्यावसायिक उपयोग के लिए अत्यंत खतरनाक हैं। ऐसे भवनों में रहने वाले स्वामियों, अधिभोगियों और किरायेदारों को स्पष्ट रूप से सूचित किया गया है कि इन मकानों में रहना न केवल उनके लिए, बल्कि वहां से गुजरने वाले राहगीरों के जान-माल के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

मरम्मत या हटाने के निर्देश

अधिनियम की धारा 243 के प्रावधानों का हवाला देते हुए प्रशासन ने निर्देशित किया है कि संबंधित व्यक्ति अपने खतरनाक भवनों में निवास या व्यवसाय करना तुरंत बंद कर दें। साथ ही, भवन के खतरनाक हिस्से को गिरवाने या उसकी आवश्यक मरम्मत करवाकर उसे सुरक्षित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।

सावधान: अनदेखी पर किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जान-माल की हानि की समस्त जिम्मेदारी भवन स्वामी, किराएदार या पावर ऑफ अटॉर्नी धारक की व्यक्तिगत रूप से होगी।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे “सतर्क रहें और सुरक्षित रहें” ताकि संभावित हादसों को टाला जा सके।