अनिल जांगिड़
स्मार्ट हलचल|ब्यावर/बिजयनगर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिजयनगर में ‘सर्प शिक्षा अभियान’ के तहत एक दिवसीय जन-जागृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही सर्पदंश की घटनाओं पर अंकुश लगाना और विद्यार्थियों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाना है।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अभियान:
यह अभियान पूरे भारतवर्ष में 22 क्षेत्रीय भाषाओं के माध्यम से चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सर्प शिक्षक, पुलिस मित्र एवं वन मित्र सुरेंद्र सिंह भाटी उपस्थित रहे। भाटी ने बताया कि यह अभियान महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति और चेन्नई सर्प पार्क के सर्प विशेषज्ञों के कुशल मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
जागरूकता से बचेगा जीवन:
कार्यक्रम के दौरान सुरेंद्र सिंह भाटी ने अब तक 25 विद्यालयों में दी गई जानकारियों का हवाला देते हुए कहा कि “अवेयरनेस और जन-जागृति के माध्यम से ही हम ‘सर्पदंश मृत्यु विहीन भारत’ के सपने को साकार कर सकते हैं।” उन्होंने छात्राओं को बताया कि:
सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल उचित प्राथमिक उपचार और अस्पताल की मदद लेनी चाहिए।
सांपों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान कैसे करें और उनके व्यवहार को कैसे समझें।
पर्यावरण संतुलन के लिए सांपों का जीवित रहना क्यों आवश्यक है।
आभार प्रदर्शन:
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह राठौड़ एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने सुरेंद्र सिंह भाटी द्वारा दी गई बहुमूल्य जानकारी की सराहना की और उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
