अनिल जांगिड़
ब्यावर /बिजयनगर – स्मार्ट हलचल|सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से अजमेर जोन का जोन स्तरीय निरंकारी महिला समागम बिजयनगर होटल एन चंद्रा पैलेस में आयोजित किया गया। समागम में अजमेर जोन की विभिन्न शाखाओं से बड़ी संख्या में बहनों ने भाग लेकर सत्संग का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम में दिल्ली से पधारी केंद्रीय प्रचारक बहन जयश्री करमचंदानी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज मनुष्य आवश्यकता से अधिक पाने की दौड़ में लगा हुआ है। सांसारिक वस्तुओं की प्राप्ति के लिए वह निरंतर प्रयास करता रहता है, लेकिन यह जीवन का अंतिम उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस कार्य के लिए मनुष्य जन्म मिला है, उसे पहचानना और प्रभु ज्ञान प्राप्त कर जीवन को सार्थक बनाना ही वास्तविक उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि आज ईश्वर को सभी मानते हैं, परंतु उसे जानने का प्रयास बहुत कम लोग करते हैं। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्मज्ञान प्रदान कर ईश्वर से साक्षात्कार करवाती हैं। ब्रह्मज्ञान से ही जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति संभव है। जब मनुष्य सतगुरु का जीवन में अनुसरण करता है तो उसके भीतर प्रेम, सेवा और मानवता की भावना बढ़ती है। यही ज्ञान केवल स्वयं का ही नहीं, बल्कि समाज और समस्त मानवता का भी कल्याण करता है।
समागम में अजमेर जोन के अजमेर, ब्यावर, किशनगढ़, नसीराबाद, केकड़ी, टोंकावास,भीम, राजसमंद, बाली, पाली और मारवाड़ सहित विभिन्न शाखाओं की बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
क्षेत्रीय संचालक महात्मा जयप्रकाश सिंह तोमर के नेतृत्व में सेवाकार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ। समागम के दौरान सेवाकार्य से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन भी व्यवस्थित ढंग से किया गया।
अंत में जोन इंचार्ज सुनील बाली ने सभी के मंगलमय जीवन, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की। बिजयनगर शाखा इंचार्ज बहन सुमन राव ने बाहर से पधारे सभी महात्माओं एवं बहनों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। समागम का समापन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के साथ हुआ।
