साईबर फ्राॅड करने वालो को खाता, एटीएम व सिम बेचकर अपराध मे सहयोग करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, संदिग्ध खातों में मिला लाखो रु का लें देन

भीलवाड़ा । साईबर फ्राॅड करने वालो को खाता, एटीएम व सिम बेचकर अपराध मे सहयोग करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार हुए है । जिनके संदिग्ध खातों मे साईबर फ्राॅड के लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन मिला है । आरोपियों लेने अपना खाता 5 व 10 हजार रूपये मे बेचना स्वीकार किया है । आरोपी वसीम अकरम छीपा व अंकित शर्मा इस मामले में दबोचे गए है । थाना भीमगंज पर साईबर फ्राॅड की राशि को एटीएम विड्रो के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतो की सूची प्राप्त हुई जिसमें सूची मे अंकित खातों के विरूद्ध दर्ज शिकायतों का समन्वय पोर्टल पर अवलोकन किया तो खाताधारक वसीम अकरम छीपा पुत्र निसार छीपा निवासी रावला चैक गुलमण्डी भीलवाड़ा के इंडियन बैंक बसन्त बिहार भीलवाड़ा के खाता संख्या 8187047378 IFSC CODE IDIB000B172 के विरूद्ध साईबर पोर्टल के प्रथम लेयर मे शिकायत संख्या 20812250091561, 30812250100601, 31912250247342, 32901260002956 व 33712250058907 अलग अलग राज्यो मे दर्ज होकर कुल 13,30,777 रूपये खाते मे स्थानान्तरण होना पाई गई। एक अन्य खाताधारक अंकित शर्मा निवासी कोटा रोड़ तिलकनगर पब्लिक स्कुल के पास भीलवाड़ा के इंडियन बैंक बसन्त विहार भीलवाड़ा के खाता संख्या 7999526854 IFSC CODE IDIB000B172 के विरूद्ध साईबर पोर्टल के प्रथम लेयर मे शिकायत संख्या Acknowledgement No 23209250051180 o Acknowledgement No 32909250060095 पश्चिम बंगाल व तमिलनाडू मे दर्ज होकर कुल 17,100 रूपये खाते मे स्थानान्तरण होना पाई गई। बैंक खाते से खाताधारको द्वारा इलेक्ट्रोनिक साधनो के माध्यम से आमजन के साथ साईबर धोखाधड़ी कर साईबर फ्रॉड की राशि अपने बैंक खातो मे प्राप्त कर उसे एटीएम से निकालकर आम लोगो को आर्थिक नुकसान पहंुचाकर साईबर ठगी द्वारा अकाउण्ट मे राशि प्राप्त की है। जिस पर आईटी एक्ट मे मामला दर्ज कर जांच सुनिल चैधरी पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी पुलिस थाना भीमगंज ने प्रारम्भ की । जिले मे खातो को बेचकर साईबर फ्राॅड करने की घटनाओ को गम्भीरता से लेते हुए थाना अधिकारी सुनिल चैधरी के नेतृत्व मे टीम का गठन किया । खाताधारको की सम्बन्धित बैंक से डिटेल प्राप्त की ओर खाते मे स्थानान्तरण हुई राशि का अवलोकन किया गया। समन्वय पोर्टल पर खातो के विरूद्ध दर्ज शिकायतो मे स्थानान्तरण राशि व बैंक खातो मे स्थानान्तरण हुई राशि का मिलान किया गया। उक्त खातो मे लाखो रूपयो का ट्रांजेक्शन व विड्रो का विवरण पाये जाने पर खाताधारक वसीम अकरम छीपा व अंकित शर्मा को डिटेन किया गया। डिटेनशुदा आरोपियो से गहनता व मनोवैज्ञानिक तरीके से पुछताछ की गई तो उक्त दोनो द्वारा 5 व 10 हजार रूपये मे अपना खाता बेचना कबूल किया। जिससे मुख्य फ्राॅडर आम लोगों के साथ साईबर फ्राॅड कर फ्राॅड की राशि को इन बैंक खातों में ट्रांसफर कर एटीएम, पीओएस के माध्यम से विड्रो करवाने हेतु इस्तेमाल करता था। मामले के सम्पूर्ण अनुसंधान से पाया गया है कि आरोपीगणो द्वारा बैंक मे खाता खुलवाकर बैंक डायरी, एटीएम कार्ड व मोबाईल मुख्य फ्राॅडर को उपलब्ध करवाना प्रमाणित होने से दोनों को गिरफ्तार किया।