ओम जैन
शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षैत्र के ग्राम अमरपुरा के नवनिर्मित ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में कलश व मुर्ति प्रतिष्ठा स्थापना तथा पंच कुंडात्मक रुद्र महायज्ञ का समापन समारोह विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया।समिति के अध्यक्ष पुर्व सरपंच गोवर्धनलाल धाकड़ ने बताया कि संत शिरोमणि श्री शिवरामदास महाराज खेरी आश्रम एवं पूज्य ललितादास महाराज के पावन सानिध्य व मार्गदर्शन में अमरपुरा व विजयपुर परगना क्षैत्र के श्रद्धालुओ द्वारा अमरपुरा गांव के प्राचीन समाधी स्थल पर नवनिर्मित ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में कलश स्थापना एवं मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का सात दिवस तक भव्य एवं ऐतिहासिक महाअनुष्ठान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में धर्म-आस्था का महासंगम देखने को मिला। श्रद्धालुगण द्वारा हर-हर महादेव, बम-बम भोले व जय श्रीराम के उदघोष के मध्य विधायक चंद्रभान सिंह आक्या द्वारा मुख्य यज्ञाचार्य पंडित राकेश शास्त्री एवं पंडित रामचन्द्र तिवारी, पंडित बद्रीलाल शर्मा, पंडित राजेंद्र शर्मा, पंडित नीलकंठ शर्मा, पंडित मुकेश शर्मा, पंडित अरविन्द शर्मा, पंडित अनिल शर्मा व पंडित बद्री प्रसाद शर्मा आदि विद्वानों के मंत्रोच्चार के मध्य मंदिर के ऊपर कलश स्थापित किया गया। इसके पश्चात विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सात दिवस तक चल रहे पंच कुंडात्मक रुद्र महायज्ञ में विधायक आक्या व श्रद्धालुगण द्वारा पूर्णाहुति दी गई इसके साथ ही व्यासपीठ से भागवताचार्य बालसंत पवन वैष्णव के मुखारविंद से चल रही भागवत कथा का भी समापन हुआ। इस दौरान अपने संबोधन में विधायक आक्या ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा एवं भक्तगणों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना की।
समिति अध्यक्षण धाकड़ के अनुसार अमरपुरा-विजयपुर के परगना क्षेत्रवासियों के तन-मन-धन के सहयोग से 4 मई से आरम्भ होकर सात दिवस तक चले इस महाअनुष्ठान में प्रतिदिन प्रातः रुद्राभिषेक, पंचकुंडीय हवन, दोपहर में भागवत कथा एवं रात्रि में रामलीला का मंचन किया गया। अनुष्ठान के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन किया गया जिसमें संत समाज के साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियो, पंच-पटेल एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालुओ ने उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर बस्सी ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष भंवर सिंह खरड़ी बावड़ी, पूर्व प्रधान प्रवीण सिंह राठौड पं.स.सदस्य प्रतिनिधी दिनेश धाकड, संदीप धाकड़, यशवतं धाकड़, बबलु धाकड़, हरीओम धाकड़, गणपत धाकड़, गोपाल धाकड़ व डालचंद धाकड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं भक्तगण उपस्थित थे।
