प्रतापपुरा में भक्ति की बयार: राम-हनुमान मिलन प्रसंग देख भावविभोर हुए श्रद्धालु

बंसीलाल धाकड़

प्रतापपुरा (छोटी सादड़ी)।स्मार्ट हलचल|निकटवर्ती ग्राम प्रतापपुरा स्थित पंचमुखी बालाजी मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय भव्य ‘श्री राम कथा’ एवं मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के आठवें दिन भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा के आठवें दिन सीता हरण, राम- हनुमान मिलन और हनुमान जी के लंका प्रवेश के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भावपूर्ण प्रसंगों की जीवंत झांकियां कथा के दौरान जब कथावाचक ने रावण द्वारा माता सीता के कपट पूर्वक हरण का प्रसंग सुनाया, तो पंडाल में सन्नाटा पसर गया और श्रद्धालु भावुक हो उठे। इसके पश्चात, प्रभु श्री राम की व्याकुलता और ऋष्यमूक पर्वत पर उनके परम भक्त हनुमान से मिलन के दृश्य को भव्य झांकी के माध्यम से जीवंत किया गया। नन्हे कलाकारों ने श्री राम, लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूप धारण कर मनमोहक प्रस्तुति दी। हनुमान जी द्वारा प्रभु के चरणों में शीश नवाने और राम जी के उन्हें गले लगाने के दृश्य पर श्रद्धालुओं ने जमकर पुष्प वर्षा की और ‘जय श्री राम’ के जयकारों से आसमान गुंजायमान कर दिया। हनुमान जी का लंका प्रवेश और भक्ति की शक्ति कथा के अगले चरण में हनुमान जी के समुद्र लांघने और लंका प्रवेश के प्रसंग का सजीव वर्णन किया गया। हनुमान जी द्वारा लंका में माता सीता की खोज और उनके पराक्रम को देख भक्त झूम उठे। कथा व्यास पंडित श्री मांगीलाल जी मेनारिया (चोरवड़ी वाले) ने बताया कि हनुमान जी का चरित्र हमें निस्वार्थ सेवा और अटूट श्रद्धा की प्रेरणा देता है। उन्होंने शबरी भक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि भक्ति ही वह शक्ति है जो ईश्वर को भक्त के द्वार तक खींच लाती है। संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच भक्त पंडाल में नाचते-गाते नजर आए।