मंगरोप@मुकेश खटीक।क्षेत्र के जूना कुम्हारिया स्थित महामाया आश्रम नृसिंह माता मंदिर परिसर इन दिनों धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां महंत श्री मोहनप्रकाश जी महाराज के सानिध्य में आयोजित पांच दिवसीय पंच कुंडीय विष्णु महायज्ञ, भगवान देवनारायण की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं मंदिर शिखर कलश स्थापना महोत्सव में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। पूरा क्षेत्र भक्ति, वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक आयोजनों से गूंज रहा है।आयोजन समिति से जुड़े सांवरलाल गुर्जर ने बताया कि महायज्ञ में यज्ञाचार्य महावीर प्रसाद शर्मा सहित पांच विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक रीति-रिवाज से प्रतिदिन पूजा-अर्चना, हवन एवं धार्मिक अनुष्ठान कराए जा रहे हैं। महायज्ञ में 51 जोड़े यज्ञ कुंड में आहुतियां देकर परिवार एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।कार्यक्रम के पहले दिन रविवार को पातलियास स्थित काला जी बावजी मंदिर से 101 कलशों की विशाल कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। डीजे पर बज रहे धार्मिक भजनों के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते नजर आए। कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होकर मंदिर परिसर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा संपन्न हुई। यात्रा के दौरान गांव सहित आसपास क्षेत्रों के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला।आयोजन समिति के अनुसार 14 मई गुरुवार को भगवान देवनारायण की भव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसी दिन नव निर्मित मंदिर के शिखर पर विधि-विधान से कलश स्थापना होगी। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए विशाल महाप्रसादी का आयोजन भी रखा गया है, जिसमें करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है।ग्रामीणों एवं भक्तों के सहयोग से चल रहे इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में रंग दिया है। हवन पूर्णाहुति के दौरान माधु गुर्जर, रामचंद्र गुर्जर, रामेश्वरलाल गुर्जर, नंदलाल गुर्जर, हीरालाल फागणा, गिरधारी सिंह, नाथु सिंह, नारूलाल भड़ाना, कालूलाल गुर्जर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
