एनएच 148 डी पर मौत का पुलिया, भारी वाहनों के बीच हर पल हादसे का डर..पुलिया गड्ढा ओर नीचे 5 फिट पानी गड्ढे से दिखाई दे रहा…

20 फीट ऊंची नाला पुलिया जर्जर, सरिए निकले, मजबूती पर उठे सवाल…

महज 5 साल पुरानी नाला पुलिया में बड़ा गड्ढा, नीचे 5 फीट पानी से बढ़ा खतरा

शाहपुरा@(किशन वैष्णव)भीम-उनियारा एनएच 148 डी मार्ग पर अरनिया घोड़ा के पास अरनिया नाला पर करोड़ों रुपये की लागत से बनी पुलिया अब खुद अपनी मजबूती पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। करीब 20 फीट ऊंची this पुलिया पर बड़ा गड्ढा हो गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में डर का माहौल बना हुआ है। पुलिया की सीमेंट-कंक्रीट परत टूटने से अंदर लगे लोहे के सरिए साफ दिखाई देने लगे हैं, वहीं नीचे नाले में भरा पानी भी ऊपर से नजर आ रहा है। नाले में करीब 5 फीट तक पानी भरा हुआ है, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार पुलिया का निर्माण करीब 5 वर्ष पूर्व कराया गया था। हैरानी की बात यह है कि करीब तीन महीने पहले ही पुलिया पर डामर डाला गया था, लेकिन वह परत भी कुछ ही समय में उखड़ गई और दोबारा बड़ा गड्ढा बन गया। अब पुलिया की डामर और सीमेंट की परतों में लगातार दरारें फैलती जा रही हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख और व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग है, जहां से दिन-रात भारी वाहनों सहित सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पुलिया पर दबाव बढ़ता जा रहा है और दिन गुजरने के साथ दरारें और चौड़ी होती जा रही हैं। वहीं इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क भी कई जगहों से खराब पड़ी हुई है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह गड्ढा रात के अंधेरे में वाहन चालकों को दिखाई तक नहीं देता। ऐसे में तेज रफ्तार वाहन हादसे का शिकार हो सकते हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह पुलिया जानलेवा साबित हो सकती है। यदि वाहन अनियंत्रित होकर गड्ढे की तरफ चला जाए तो करीब 20 फीट नीचे नाले में भरे पानी तक गिरने की आशंका बनी हुई है।
हादसे की आशंका को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने पहले गड्ढे के पास कंटीली झाड़ियां और टहनियां लगाकर वाहन चालकों को सावधान करने का प्रयास किया था, लेकिन अब वे झाड़ियां भी हट चुकी हैं। पुलिया पर फिलहाल किसी प्रकार का सुरक्षा इंतजाम नहीं किया गया है। न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही बैरिकेड लगाए गए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुलिया की तत्काल मरम्मत करवाने, सुरक्षा इंतजाम करने तथा निर्माण गुणवत्ता की जांच करवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह पुलिया किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।