बूंदी-स्मार्ट हलचल|वर्षों से निवास करने वाले ग्रामीणो को केडीए द्वारा उजाडने की कार्यवाही स्थाई रूप से बंद करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में लिखा है कि जिले की तालेडा एवं के० पाटन तहसील में पीढीयो से निवास करने वाले ग्रामीणों को कोटा विकार प्राधिकरण केडीए जबरन सरकारी फोर्स साथ लाकर ऊजाडने की कार्यवाही कर रहा है। इससे बूंदी जिले व क्षेत्रवातीयों में जबरदस्त रोष पनप रहा है। एक और सरकार 20 साल से काबिज लोगो को अभियान चलाकर पट्टे देती आई है। वही डाबी बरड़ क्षेत्र के 68 गाँवो को केडीए द्वारा बून्दी जिले की जनभावना और बून्दी जिले के कमजोर नैतत्व के चलते केडीए में जबरन सत्ता के बल पर शामिल कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि इन 68 गांवो में आबादी की भूमि कम है अतःआबादी की भूमि का विस्तार किया जाये। आज ज्ञापन के माध्यम से हम सब केडीए शासन, प्रशासन एवं सरकार को स्पष्ट आगाह कर रहे है और चेतावनी दे रहे है कि यदि अब भविष्य में केडीए द्वारा इन गांवों में निवास करने वाले ग्रामीणो को जबरन बेघर करने ने की कोशिश की गई तो ग्रामीणों एवं केडीए के बीच आन्दोलन सड़क पर खुलकर संघर्ष होगा।
इस दौरान पूर्व सांसद रामनारायण मीणा, भाजपा नेता रुपेश शर्मा, देवताल गुर्जर, मुकेश माधवानी, पेंशु सिंह, संदीप देवगन, देवराज गोचर, शंभूसिंह, सहित ग्रामीण मौजूद रहे ।
