कब्रिस्तान की दीवार गिराने और बोर्ड लगाने पर आक्रोश, मुस्लिम समाज ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल|नगर परिषद ब्यावर द्वारा मेवाड़ी गेट बाहर स्थित कब्रिस्तान की चारदीवारी को ध्वस्त करने और वहां अपना बोर्ड लगाने के विरोध में मुस्लिम समाज ने कड़ा रुख अपनाया है। कमेटी इस्लामिया इन्तेजामिया औकाफ व जामा मस्जिद नयानगर के एक शिष्टमंडल ने कानूनी सलाहकार एडवोकेट शाहिद खान के नेतृत्व में जिला प्रशासन से मुलाकात की और नगर परिषद की इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए अपना पक्ष रखा।

वक्फ संपत्ति पर दावे का विरोध
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में एडवोकेट शाहिद खान ने बताया कि मेवाड़ी गेट बाहर, अमरी का बाड़िया स्थित खसरा नंबर 1720 राजस्व रिकॉर्ड में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है। यह संपत्ति राजस्थान सरकार वक्फ गजट 1965 (क्रमांक 37) में पंजीकृत है और भारत सरकार के वक्फ पोर्टल पर भी दर्ज है। इसके बावजूद, नगर परिषद ने बिना किसी पूर्व नोटिस के कार्रवाई करते हुए वहां अपना बोर्ड लगा दिया और वक्फ संपत्ति पर स्वयं की मिल्कियत का दावा किया है।

धार्मिक भावनाएं आहत, सुरक्षा पर सवाल
शिष्टमंडल ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि नगर परिषद ने कब्रिस्तान की मुख्य दीवार को जमींदोज कर दिया है। इसके कारण:

पुरानी बुजुर्गों की कब्रें खुले में आ गई हैं।

चारदीवारी न होने से आवारा पशु कब्रिस्तान में दाखिल हो रहे हैं।

इस अमानवीय कार्रवाई से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।

शिष्टमंडल की प्रमुख मांगें
मुस्लिम समाज ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर से मांग की है कि मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए:

नगर परिषद द्वारा लगाए गए बोर्ड को वहां से तत्काल हटाया जाए।

क्षतिग्रस्त की गई चारदीवारी का पुनः निर्माण करवाया जाए।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने शिष्टमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और इस मामले में उचित व सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

शिष्टमंडल में शामिल सदस्य
इस अवसर पर एडवोकेट शाहिद खान के साथ कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:

मोहम्मद हुसैन (उपाध्यक्ष),मोमीन रहमान (सहसचिव),मोहम्मद अली,मोहम्मद यासीन