चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल।न्यायालय विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट एन.आई. एक्ट प्रकरण की पीठासीन अधिकारी रीतिका श्रोती ने चैक अनादरण के एक महत्वपूर्ण मामले में अभियुक्ता मुन्नीदेवी पत्नी गोपाललाल सेन निवासी करणी माता का खेड़ा, तहसील एवं जिला चित्तौड़गढ़ को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई है।
परिवादी कमलेश रजक पुत्र नारायणलाल रजक निवासी हाउसिंग बोर्ड, कुम्भानगर चित्तौड़गढ़ द्वारा प्रस्तुत परिवाद पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने अभियुक्ता को 4 माह के कारावास एवं 90 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माने की राशि जमा नहीं कराने की स्थिति में अतिरिक्त एक माह के कारावास का प्रावधान भी रखा गया है।
प्रकरण के अनुसार अभियुक्ता मुन्नीदेवी ने परिवादी कमलेश रजक से 90 हजार रुपये उधार लिए थे। उधार राशि लौटाने के लिए अभियुक्ता ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स शाखा चित्तौड़गढ़ का चैक दिया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर चैक अनादृत हो गया।
इसके बाद परिवादी ने अपने अधिवक्ता फजले मोईन खान एवं अरविन्द व्यास के माध्यम से न्यायालय में परिवाद पेश किया। मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने अभियुक्ता को दोषी मानते हुए उक्त सजा सुनाई।
