एमडीआर सड़क बनी मुसीबत का रास्ता.. कंवलियास से केरोट तक निर्माणाधीन एमडीआर सड़क पर उड़ती धूल और बिखरी गिट्टी से बढ़ा हादसों का खतरा

पनोतिया, डियांस, खामोर और देवरिया के ग्रामीण परेशान, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप

“न अधिकारी मौके पर आते, न फोन उठातेग्रामीणों में भारी आक्रोश

शाहपुरा@कंवलियास से केरोट तक बन रही निर्माणाधीन एमडीआर सड़क इन दिनों लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि परेशानी और खतरे का कारण बन गई है। पनोतिया, डियांस, खामोर और देवरिया गांवों से होकर गुजर रही इस सड़क पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और निर्माण एजेंसी की लापरवाही अब खुलकर सामने आने लगी है। सड़क पर गिट्टी बिछाकर कार्य तो कर दिया गया, लेकिन नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार उड़ रहा है। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास रहने वाले ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर फैली ढीली गिट्टी दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। आए दिन बाइक चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों के गुजरते ही धूल इतनी अधिक उड़ती है कि कुछ क्षणों के लिए सामने का रास्ता तक दिखाई नहीं देता। ऐसे में हर पल दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
धूल के कारण लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और एलर्जी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सड़क किनारे रहने वाले परिवारों और स्कूली बच्चों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फोन कर समस्या बताई गई, लेकिन न तो अधिकारी मौके पर पहुंचे और न ही फोन उठाना जरूरी समझा। इससे लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय उदासीनता के चलते सड़क निर्माण कार्य मनमाने तरीके से किया जा रहा है और आमजन की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन एमडीआर सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव करवाया जाए, सड़क पर फैली गिट्टी को व्यवस्थित किया जाए तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे से पहले व्यवस्था सुधर सके।