Home भीलवाड़ा जहाजपुर 11 हजार वोल्ट की लाइन बनी जानलेवा खतरा

11 हजार वोल्ट की लाइन बनी जानलेवा खतरा

शकरगढ़ के बाजार और मकानों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन, विद्युत सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी

अलकेश पारीक

  1. शकरगढ़, स्मार्ट हलचल। बाजार और मकानों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन, विद्युत सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखीशकरगढ़, तहसील जहाजपुर (जिला भीलवाड़ा)।
    शकरगढ़ गांव के मुख्य बाजार और रिहायशी क्षेत्र के ऊपर से गुजर रही 11,000 वोल्ट (11 केवी) की हाईटेंशन विद्युत लाइन ग्रामीणों के लिए लगातार खतरे का कारण बनी हुई है। नंगे तार बाजार के बीचों-बीच तथा मकानों के अत्यंत निकट से गुजर रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
    ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या की शिकायत कई बार संबंधित बिजली विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
    बाजार के ऊपर मंडरा रहा मौत का साया
    मुख्य बाजार में प्रतिदिन सैकड़ों लोग, दुकानदार, महिलाएं और बच्चे आवाजाही करते हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र के ऊपर 11 केवी की हाईटेंशन लाइन बिना पर्याप्त सुरक्षा के गुजरना सीधे तौर पर जनजीवन को जोखिम में डाल रहा है।
    मकान से सटकर गुजर रही लाइन, लोहे की रॉड से और बढ़ा खतरा
    दूसरी तस्वीर में एक मकान के समीप लोहे की रॉड लगाकर तार निकाले गए हैं। हाईटेंशन लाइन के पास लोहे की संरचना होने से करंट फैलने, शॉर्ट सर्किट, आग लगने और जानलेवा दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
    विद्युत सुरक्षा नियमों का उल्लंघन
    Central Electricity Authority (Measures Relating to Safety and Electric Supply) Regulations, 2010 के अनुसार:
    हाईटेंशन (11 केवी) लाइनों और भवनों के बीच निर्धारित सुरक्षित दूरी बनाए रखना अनिवार्य है।
    किसी भवन, बालकनी या लोहे की संरचना के अत्यधिक निकट विद्युत लाइन नहीं गुजर सकती।
    सार्वजनिक स्थानों और बाजार क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित होना आवश्यक है।
    संभावित खतरे की सूचना मिलने पर वितरण कंपनी का दायित्व है कि वह तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करे।
    इन नियमों की अनदेखी को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना जाता है।
    शिकायतें हुईं, कार्रवाई नहीं
    ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें देने के बावजूद विभागीय अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा हो।
    जनता का सवाल
    यदि कल किसी बच्चे, दुकानदार या राहगीर की करंट लगने से मृत्यु हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? बिजली विभाग, संबंधित अधिकारी या स्थानीय प्रशासन?
    ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
    बाजार और मकानों के ऊपर से गुजर रही 11 केवी लाइन को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
    भवनों के निकट गुजर रहे तारों को विद्युत सुरक्षा मानकों के अनुसार हटाया जाए।
    लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
    संभावित हादसे से पहले स्थायी समाधान किया जाए।
    प्रशासन से चेतावनी
    ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) तथा संबंधित अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई और कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगी।