Wednesday, May 20, 2026

क्या अब समय से पहले आ रहा है बुढापा?

आर . सूर्य कुमारी

स्मार्ट हलचल।दोस्तों आज हम बहुत ही आम मगर बहुत ही महत्वपूर्ण समस्या पर चर्चा करते हैं । मैं ही नहीं , आप भी बहुत गौर से देखते होंगे कि आज व्यक्ति समय से पहले वृद्ध होता चला जा रहा है । छोटी उम्र में ही किसी का दिल जवाब दे जाता है तो किसी को शुगर की शिकायत होने लगती है । एक तीस-चालीस साल के व्यक्ति में उच्च रक्तचाप , कोलेस्ट्रॉल , थायराइड , स्नायु रोग आदि घर करने लगे हैं ।
तो अब सवाल यह उठता है कि आखिर क्या कारण है जो आज कम उम्र में बुढ़ापा घर कर रही है ?
इसके सबसे बड़े चार कारण हैं- एक, हमारा अत्यंत उपभोक्ता वादी होना । एक तो महंगाई का जमाना है । ऊपर से ऊंची पढ़ाई कर ऊंचे-ऊंचे मुकामों को छूने की लालसा । इस कश्मकश में हम शरीर को घोड़े से भी तेज दौड़ा रहे हैं । इतनी भागम भाग है कि सांस लेने की फुर्सत नहीं । इससे हमारा शरीर और हमारे शरीर के सारे अंग कमजोर पड़ जाते हैं और ताकत खोने लगते हैं । हमारे स्नायु तंत्र में भी शिथिलता आ जाती है और हम कमजोर पड़कर पस्त होने लगते हैं ।
दो , हमारे भोजन में पौष्टिकता का बहुत ज्यादा अभाव रहता है । नन्हे चावल से लेकर भीमकाय कटहल तक न जाने कितने खाद्य पदार्थ हैं जो कीट नाशकों के छिड़काव से उपजाए जाते हैं । गाय को आक्सीटोसिन की सुई लगाकर दूध दूहा जाता है । हमारे दुधारू पशुओं का चारा भी पौष्टिक नहीं होता । हमारा डेयरी उद्योग भी इस कारण स्वास्थ्य वर्धक नहीं रह जाता । लोगों को पौष्टिक आहार नहीं मिलता है तो वे बीमार पड़ जाते हैं और समय से पहले वृद्धावस्था में चले आते हैं । बीमारियों का शिकार हो जाते हैं ।
तीन , हमारे यहां नशा बहुत ज्यादा किया जाने लगा है । एक किशोर पंद्रह – सोलह साल की उम्र से नशा करता है तो तीस साल के होते – होते वह इतना कमजोर पड़ जाता है कि आधा बूढ़ा हो ही जाता है । शराब , स्मैक , ब्राउन शुगर , गांजा , सिगरेट , इंजेक्शन। नशे का चाहे कोई भी तरीका हो शरीर को जीर्ण-शीर्ण कर डालता है । अनेक बीमारियां घर कर जाती है । वह काफी तकलीफ देह जिंदगी जीता है ।
चार , मानसिक रूप से भी हम इतने त्रस्त रहते हैं कि खुद को सम्हाल नहीं पाते । पति-पत्नी के बीच की लड़ाई , बच्चे हों तो भी समस्या , न हों तो भी समस्या । कमजोर शरीर और जिस पर मानसिक समस्याएं , जीवन को तंग कर डालती हैं,और तो और आज का आदमी अपनी चिंता नहीं करता , दस्तक दे रहे बुढ़ापे को गंभीरता से नहीं लेता , दूसरों को ज्यादा समझाइश देता है । जरूरत ना जरूरत की समस्याएं अपने दिमाग पर लेकर मानसिक शक्ति व मानसिक शांति खो बैठता है । इस कारण भी आयु घटने लगती है, बुढ़ापा घर कर जाती है ।
और , पानी में बहुत ज्यादा मात्रा में आर्सेनिक होना , और भी अनेक विषाक्त व खतरनाक रसायनों का होना आदि ऐसे कारण हैं जो समय से पहले बुढ़ापा या वृद्धावस्था को न्योता देते हैं ।
कुल मिलाकर एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए , एक स्वस्थ व्यक्ति को ही सोचना होगा । जहां हम सिस्टम को थोड़ा या ज्यादा प्रभावित नहीं कर सकते वहां तो हमारी हार है , मगर जहां हम अपने हाथ – पैर मार सकते हैं , वहां जरूर प्रयत्न करना चाहिए । अपने जीवन को हम जितना सहूलियत दे सकते हैं , देना चाहिए । जिंदगी हमारी है तो पहली जिम्मेदारी व जिम्मेवारी भी हमारी ही है ।