सरकार के महत्वपूर्ण ‘लाभार्थी सैचुरेशन कैंप’ से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गायब, सरपंच ने भेजी शिकायत
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत किशनगढ़ में लगा था शिविर, दूरभाष पर सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंची कार्यकर्ता
अलकेशपारीक
स्मार्ट हलचल।क्षेत्र की ग्राम पंचायत किशनगढ़ में सरकार की बेहद महत्वपूर्ण योजना के तहत आयोजित शिविर में एक सरकारी कार्मिक की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत शुक्रवार को आयोजित “लाभार्थी सैचुरेशन कैंप” से सुजानपुरा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहीं। इस घोर लापरवाही को लेकर किशनगढ़ सरपंच पिंकी कुमारी मीणा ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी (जहाजपुर) को लिखित शिकायत भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिविर में चार गांवों के ग्रामीणों को मिलना था लाभ-
जानकारी के अनुसार, उपखण्ड अधिकारी जहाजपुर के आदेशानुसार शुक्रवार (22 मई 2026) को ग्राम पंचायत किशनगढ़ मुख्यालय पर एक विशेष ‘लाभार्थी सैचुरेशन कैंप’ का आयोजन किया गया था। इस कैंप में किशनगढ़, छाछिया-बान्दोला और सुजानपुरा ग्राम के लाभार्थियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना था।
फ़ोन करने पर भी नहीं आईं, सरपंच ने बताया घोर लापरवाही
शिविर के दौरान जब सुजानपुरा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सन्तरा मीणा अनुपस्थित पाई गईं, तो उन्हें दूरभाष (फ़ोन) के माध्यम से भी सूचना दी गई। इसके बावजूद वे कैंप में उपस्थित नहीं हुईं।
सरपंच पिंकी कुमारी मीणा ने पत्र में लिखा: “यह कैंप ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत आयोजित होने वाला सरकार का एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील शिविर है। ऐसे बड़े मंच और सरकारी योजना के कैंप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का इस तरह अनुपस्थित रहना उनकी घोर लापरवाही और कार्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।”
