पेट्रोल-डीजल, गैस और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों से आमजन परेशान, देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा
चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। राजस्थान सरकार के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रुपया लगातार अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचता जा रहा है और महंगाई की मार से देश आर्थिक तूफान की ओर बढ़ रहा है।
जाड़ावत ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम महज 10 दिनों में लगभग 5 रुपए तक बढ़ गए हैं। वहीं कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में दो माह में करीब 1500 रुपए तक की वृद्धि हुई है तथा घरेलू रसोई गैस के दाम बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि सरस दूध, डेयरी उत्पादों एवं खाद्य सामग्री के बढ़ते दामों ने आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है और लोगों को हर स्तर पर महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में बेरोजगारी का संकट लगातार बढ़ रहा है। सरकारी नौकरियों की कमी और बढ़ती बेरोजगारी युवाओं में आक्रोश पैदा कर रही है। डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता जा रहा है, जिसका सीधा असर आमजन के जीवन पर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में अस्तित्व में आई “सीजेपी कॉकरोच जनता पार्टी” का सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ता प्रभाव भाजपा की चिंता का कारण बन गया है। बड़ी संख्या में युवा उससे जुड़कर मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश का युवा अब राहुल गांधी की ओर उम्मीद से देख रहा है और उनके द्वारा व्यक्त की गई आशंकाएं अब सच साबित होती नजर आ रही हैं।
जाड़ावत ने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी योजनाएं धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रही हैं, जिससे मजदूर वर्ग प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों का डामरीकरण समय पर नहीं हो पा रहा है, जबकि पूर्व में बारिश से पहले यह कार्य पूरा कर लिया जाता था। महंगाई के कारण सरकारी निर्माणाधीन कार्यों में भी रुकावट आ रही है, जिससे विकास कार्य ठप होते जा रहे हैं और इसका नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है।
