रेलवे का बड़ा स्टेशन, लेकिन रोडवेज सेवा से वंचित मेड़ता रोड — यात्री आज भी निजी बसों के भरोसे

एजाज़ अहमद उस्मानी

स्मार्ट हलचल।उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन होने के बावजूद मेड़ता रोड कस्बा आजादी के दशकों बाद भी रोडवेज बस सेवा की मूलभूत सुविधा से वंचित है। करीब 30 गांवों को जोड़ने वाला यह कस्बा वर्षों से परिवहन सुविधाओं की अनदेखी का शिकार बना हुआ है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों यात्री ट्रेनों से उतरकर अपने गांवों और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए निजी बसों व अन्य निजी साधनों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न ट्रेनों से पहुंचते हैं। इनमें विद्यार्थी, व्यापारी, कर्मचारी, मजदूर, मरीज और ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल होते हैं। लेकिन रेलवे स्टेशन से आगे की यात्रा के लिए रोडवेज बसों की सुविधा नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विशेष रूप से डेगाना, मेड़ता सिटी, अजमेर , जयपुर, जोधपुर, नागौर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को निजी बसों और टैक्सियों में अधिक किराया देकर सफर करना पड़ता है। कई बार यात्रियों को घंटों तक निजी वाहनों का इंतजार करना पड़ता है, वहीं भीड़भाड़ के कारण असुविधा भी झेलनी पड़ती है। इतना ही नहीं अगर यात्रियों को बस के माध्यम से जयपुर, जोधपुर, नागौर तथा अजमेर की यात्रा करना हो तो पहले मेड़ता रोड से 15 किलोमीटर मेड़ता सिटी जाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों से रोडवेज बस सेवा शुरू करने की मांग की जा रही है। कई बार जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन किसी भी पार्टी की सरकार ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई। चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही यह समस्या फिर उपेक्षा का शिकार हो जाती है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि मेड़ता रोड से विभिन्न गांवों और कस्बों के लिए नियमित रोडवेज बस सेवा शुरू की जाए तो हजारों लोगों को राहत मिल सकती है। इससे विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को सुरक्षित व सस्ती यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी, साथ ही क्षेत्र के व्यापार और विकास को भी गति मिलेगी।
लोगों ने राज्य सरकार और रोडवेज विभाग से मांग की है कि मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन से प्रमुख गांवों और शहरों के लिए नियमित रोडवेज बसों का संचालन शीघ्र शुरू किया जाए, ताकि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का समाधान हो सके।