शिव जांगिड़
सात दिवसीय कथा में उमड़े श्रद्धालु, दूसरे दिन की पूजा अर्चना के साथ भक्तों ने लिया आनंद
लाडपुरा|स्मार्ट हलचल।सामुदायिक भवन प्रांगण परिसर में ग्रामवासी द्वारा रविवार को कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक आयोजन के दूसरे दिवस श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस महाराज श्री ने कथा का मंगलमय शुभारंभ करते हुए कहा कि अमृत का पान करने वाला व्यक्ति स्वयं अमर होता है, किन्तु श्रीमद्भागवत कथा रूपी अमृत का रसपान करने से मनुष्य का सम्पूर्ण कुल अजर-अमर हो जाता है। महाराज श्री ने भागवत महापुराण की महिमा बताते हुए कहा कि महाभारत में पारिवारिक संबंधों का वर्णन है, जबकि श्रीमद्भागवत में भगवान एवं उनके परम भक्तों की दिव्य कथाओं का वर्णन होने से इसका स्थान अत्यंत विशिष्ट है।
कथा प्रसंग में राजा परीक्षित को प्राप्त श्राप एवं श्री शुकदेव जी महाराज के पावन मिलन का सुंदर वर्णन किया गया। महाराज श्री ने बताया कि राजा परीक्षित ने शुकदेव जी से केवल एक ही प्रश्न किया था कि मृत्यु समीप होने पर मनुष्य को क्या करना चाहिए? इस पर शुकदेव जी महाराज ने उत्तर दिया कि जिसे मृत्यु निकट दिखाई दे, उसे केवल भगवान की कथा एवं नाम-स्मरण में ही अपना जीवन लगा देना चाहिए। कथा श्रवण कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
इस भागवत कथा के दौरान नंदकिशोर सनाढ्य, भगवान सुथार, शंभू धाकड़, राधकिशन सुथार, कैलाश सोडाणी, सत्यनारायण गगरानी, शांति सोमानी, नारायण सनाढ्य, गोविंद सनाढ्य, सहित ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सात दिवसीय 30 मई को परसादी के साथ ही भागवत कथा का समापन होगा।
