मुनि ससंघ के सान्निध्य में चारित्र शुद्धि महासमंडल विधान का भव्य आगाज़
1234 अर्घों के साथ आत्मशुद्धि का महाअनुष्ठान शुरू
कोटा। स्मार्ट हलचल।तलवंडी स्थित श्री दिगंबर जैन महावीर मंदिर में पांच दिवसीय चारित्र शुद्धि महासमंडल विधान का मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के बीच भव्य शुभारंभ हुआ। महामंत्री प्रकाश सामरिया ने बताया कि आयोजन परम पूज्य मुनि श्री निरोग सागर जी, निर्मोह सागर जी, निरामय सागर जी एवं निर्भीक सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में
5 दिन तक चलेगा
मंदिर अध्यक्ष अशोक पहाडिया ने बताया कि श्रेष्ठि बाबूलाल, मूलचंद, छोटूलाल, राजेंद्र, पदम एवं धानोत्या परिवार के तत्वावधान में आयोजित विधान का शुभारंभ नित्य नियम, अभिषेक और पूजन के साथ घटयात्रा से हुआ। इसके पश्चात ध्वजारोहण, सकलीकरण और इन्द्र प्रतिष्ठा सहित विभिन्न मांगलिक क्रियाएं सम्पन्न हुईं। ब्रह्मचारी वीरेंद्र शास्त्री हीरापुर के सान्निध्य में विधान का विधिवत प्रारंभ हुआ, जबकि मांगलिक क्रियाओं का संचालन भैया जी आदि कुमार जी एवं पूजन का निर्देशन अनिल डाबी ने किया।
मंदिर समिति अध्यक्ष अशोक पहाड़िया ने बताया कि मुनि संघ के ग्रीष्मकालीन प्रवास की स्वीकृति आचार्य श्री समय सागर जी महाराज से प्राप्त हो चुकी है। यह आयोजन प्रेमलता धर्मपत्नी छोटूलाल द्वारा अपने 1234 व्रत-उपवास पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कराया जा रहा है।
मंगल प्रवचन में गुरुदेव ने कहा कि चारित्र शुद्धि महासमंडल विधान आत्मशुद्धि, संयम और मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर करने वाला पुण्यप्रद साधन है। विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
