समाज का जो नहीं, वह अपने परिवार और बाप का भी नहीं हो सकता: प्रदेशाध्यक्ष रामप्रसाद धाभाई
पंकज पोरवाल
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल।अखिल भारतीय गुर्जर महासभा द्वारा मंगलवार को नगर निगम टाउन हॉल, भीलवाड़ा में शपथ ग्रहण एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए समाज के प्रमुख पदाधिकारियों, संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, महिला प्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, युवाओं एवं बड़ी संख्या में समाजजनों ने भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान समाज की एकता, शिक्षा, संगठन, महिला सशक्तिकरण, युवा जागरूकता तथा सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया। कार्यक्रम का वातावरण सामाजिक उत्साह, सांस्कृतिक गरिमा और एकजुटता की भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरधन भाई झडफिया (पूर्व गृहमंत्री गुजरात) ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान किया कि प्रत्येक परिवार अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने की दिशा में कार्य करे तथा उन्हें प्रशासनिक सेवाओं, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, न्यायपालिका, तकनीकी शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। महंत सुरेशदास महाराज ने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों को अच्छे संस्कार देना भी अत्यंत आवश्यक है। संत निर्मलराम महाराज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को अच्छे विचार, सकारात्मक सोच और सदाचार की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधायक व कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपीचंद गुर्जर ने समाज की एकता और संगठन को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए सभी लोगों को व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक हितों के लिए कार्य करना होगा। राष्ट्रीय महामंत्री एवं मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना ने कहा कि समाज और क्षेत्र के विकास के लिए वे सदैव समर्पित भाव से कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है क्योंकि शिक्षा ही समाज के विकास और परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भीलवाड़ा शहर में गुर्जर छात्रावास का भव्य निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे समाज के विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने समाज के दिवंगत समाजसेवी स्वर्गीय रामचंद्र पाटिल एवं भैरूलाल भड़ाना के योगदान को याद करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व समाज के लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत बने रहेंगे। इस दौरान उन्होंने मांडल क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़े देवनारायण मंदिर को पुनः खुलवाने के लिए चल रहे अपने प्रयासों की भी जानकारी दी। मुख्य वक्ता महासभा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बच्चू सिंह बैंसला ने समाज की राजनीतिक भागीदारी एवं सामाजिक सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में गुर्जर समाज का राजनीतिक शोषण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए तथा संगठित रहकर अपनी पहचान और सम्मान को मजबूत करना चाहिए। पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत ने शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला द्वारा समाज के लिए किए गए संघर्ष एवं योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से समाज में नई जागरूकता एवं एकता की भावना विकसित हुई। महासभा के प्रदेशाध्यक्ष रामप्रसाद धाभाई ने गुर्जर समाज के गौरवशाली इतिहास और समाज की गौरवमयी परंपराओं का उल्लेख करते हुए समाजजनों से अतीत से प्रेरणा लेकर भविष्य निर्माण के लिए कार्य करने का आह्वान किया। धाभाई ने बेहद कड़े और बेबाक लहजे में समाज सेवा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा, जो समाज का नहीं हो सकता, वह अपने परिवार और बाप का भी नहीं हो सकता। जिलाध्यक्ष राधेश्याम भड़ाना ने समाज सेवा, संगठन और एकता को मजबूत करने पर बल दिया। समाज के लिए सदैव तन मन धन समर्पित भाव से कार्य करेंगे। गुर्जर समाज की सेवा मेरा सौभाग्य है। सरपंच खुशबू गुर्जर ने युवाओं से नशा मुक्ति, बेहतर स्वास्थ्य एवं सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष कामिनी गुर्जर ने महिला शिक्षा, महिला जागरूकता एवं महिला संगठन की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब महिलाओं को शिक्षा एवं नेतृत्व में समान अवसर प्रदान किए जाएं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री जगदीश भाई पटेल, पंजाब प्रदेशाध्यक्ष कमल चौहान, उत्तरप्रदेश प्रदेशाध्यक्ष चंद्रवीर गुर्जर, गुजरात प्रदेशाध्यक्ष मोहन भाई पटेल, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष सांवरमल गुर्जर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डीएन सिंह गुर्जर, शिवकुमार गुर्जर, सूरजमल गुर्जर, कन्हैयालाल गुर्जर, नारायण सिंह गुर्जर, राजूलाल गुर्जर, गोपाल गुर्जर, ओमप्रकाश गुर्जर, मुकेश गुर्जर सहित अन्य वक्ताओं ने भी समाज संगठन, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, शिक्षा के प्रचार प्रसार तथा सामाजिक चेतना को मजबूत बनाने पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम सामाजिक एकता, शिक्षा एवं समाज के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
