गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने का संदेश लेकर 245 दिन तक साइकिल पर चार धाम व 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर गांव लौटा किशन गुर्जर का ग्रामीणों ने किया अभिनंदन..

त्रिदेव महादेव से पैदल यात्रा कर डाबला,खामोर होते हुए गोवर्धनपुरा पहुंचा, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत

शाहपुरा@(किशन वैष्णव)खामोर ग्राम पंचायत के गांव गोवर्धनपुरा निवासी 19 वर्षीय किशन गुर्जर ने अटूट आस्था, दृढ़ संकल्प और अदम्य साहस का परिचय देते हुए 245 दिनों में साइकिल से देश के चार धाम एवं 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पूर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के जनजागरण संदेश के साथ निकले किशन के गांव लौटने पर डाबला, खामोर और गोवर्धनपुरा में जोरदार स्वागत किया गया।
किशन गुर्जर ने बताया कि उन्होंने गौ संरक्षण और गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह यात्रा शुरू की थी। करीब 245 दिन पूर्व घर से साइकिल पर निकले किशन ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम, गुजरात के द्वारकाधीश धाम, ओडिशा के जगन्नाथ पुरी धाम और तमिलनाडु के रामेश्वरम धाम सहित देश के चारों धामों के दर्शन किए। इसके साथ ही उन्होंने सोमनाथ,मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर,ओंकारेश्वर, केदारनाथ,भीमाशंकर,
काशी विश्वनाथ,त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ,नागेश्वर,रामेश्वरम और घृष्णेश्वर सहित सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में पूजा-अर्चना कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
किशन द्वारा साझा किए गए यात्रा रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में हजारों किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान उन्होंने पहाड़ों की कठिन चढ़ाइयों, भीषण गर्मी,बारिश और लंबी दूरी जैसी चुनौतियों का सामना किया,लेकिन अपने संकल्प से कभी पीछे नहीं हटे। यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर लोगों से संवाद कर गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति का संदेश भी पहुंचाया।
यात्रा पूर्ण कर लौटने पर किशन गुर्जर सबसे पहले कंवलियास स्थित त्रिदेव महादेव मंदिर पहुंचे,जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर सफल यात्रा के लिए आभार व्यक्त किया। इसके बाद त्रिदेव महादेव से पैदल यात्रा शुरू हुई। डाबला पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। वहां से डीजे और हर-हर महादेव के जयघोषों के बीच जुलूस खामोर पहुंचा,जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों और युवाओं ने तेजाजी चौक में उनका भव्य अभिनंदन किया। बाद में स्वागत जुलूस चारभुजा मंदिर होते हुए डेयरी चौराहा पहुंचा जहां पुष्प वर्षा और साफा बंधवाकर ग्रामीणों ने स्वागत किया तत्पश्चात गोवर्धनपुरा पहुंचा, जहां परिजनों और ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।मां ने आरती उतारी,स्वागत के दौरान पूरा मार्ग भक्तिमय नारों और धार्मिक उत्साह से गूंज उठा। ग्रामीणों ने कहा कि आज के समय में महज 19 वर्ष की आयु में साइकिल से देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा करना असाधारण उपलब्धि है। किशन गुर्जर ने अपनी मेहनत, धैर्य और आस्था से युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।ग्रामीणों ने उनकी इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भी मिसाल है।वही खामोर का एक युवा राहुल प्रजापत अभी भी गौमाता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग को लेकर 4 धाम 12 ज्योतिर्लिंग की यात्रा पर हैं।