कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत कल करेंगे आधुनिक हॉकी टर्फ और खेल अकादमी का शिलान्यास

अनिल कुमार

ब्यावर/जैतारण।स्मार्ट हलचल।राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने और स्थानीय खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जैतारण (ब्यावर) क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक हॉकी टर्फ एवं हॉकी खेल अकादमी की स्थापना होने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमि पूजन एवं शिलान्यास 31 मई (रविवार) को प्रातः 9:00 बजे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा किया जाएगा।

₹8 करोड़ का बजट और अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर
जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने बताया कि बजट वर्ष 2025-26 के अंतर्गत युवा मामले एवं खेल विभाग द्वारा राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद के पक्ष में ₹8 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई है। इस परियोजना की कुल निर्माण लागत ₹6 करोड़ 59 लाख 10 हजार 354 निर्धारित की गई है। राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद, जयपुर द्वारा इसका कार्यादेश भी जारी कर दिया गया है, जिसे 12 जनवरी 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह खेल परिसर जैतारण में 8 बांजाकुड़ी रोड, 220 केवी बिजलीघर के पास बनेगा। इसमें अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के मानकों के अनुसार आधुनिक सिंथेटिक हॉकी टर्फ (एस्ट्रोटर्फ) बिछाया जाएगा।

खिलाड़ियों को मिलेंगी ये अत्याधुनिक सुविधाएं:
वर्ल्ड क्लास सिंथेटिक हॉकी टर्फ मैदान।

बारिश के मौसम में जलभराव रोकने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम।

खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों (Coaches) के बैठने के लिए डगआउट।

सुरक्षा के लिए मजबूत बाहरी परिधि दीवार और चैन लिंक फेंसिंग।

भूमिगत जल टैंक, पंप रूम, ट्यूबवेल और आधुनिक विद्युत व्यवस्था।

स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा तराशने का मौका
जिला खेल अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि इस अकादमी की स्थापना से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय और तकनीकी प्रशिक्षण (Technical Training) मिल सकेगा। यहाँ नियमित प्रशिक्षण शिविर, अभ्यास सत्र और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि मार्च माह में जिला प्रशासन द्वारा पंच गौरव योजना के तहत 60 प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ियों को खेल किट बांटी गई थी और उन्हें अजमेर के एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड पर तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया था। अब जैतारण में ही ऐसा ग्राउंड बनने से खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।