नशे और ऐशो-आराम के लिए बने ‘चोर’: ब्यावर पुलिस ने खोला 6 महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर जैसी नकबजनी का राज, सेकंड हैंड कार और गहने बरामद

चोरी के पैसों से कार खरीद उड़ा रहे थे ऐश, 3 गिरफ्तार

अनिल कुमार

ब्यावर। स्मार्ट हलचल।जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह (IPS) के सख्त निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति उज्जैनिया व सीओ राजेश कसाना के सुपरविजन में ब्यावर सिटी थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। थानाधिकारी आशुतोष पाण्डे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करीब 6 महीने पुराने नकबजनी के एक पेचीदा मामले का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर बदमाशों को दबोच लिया है।

पकड़े गए आरोपी इतने शातिर हैं कि उन्होंने चोरी के पैसों से अपनी मौज-मस्ती के लिए एक सेकंड हैंड होंडा सिटी कार तक खरीद डाली थी। पुलिस ने कार, वारदात में प्रयुक्त बाइक और चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात बरामद कर लिए हैं।

सामाजिक कार्यक्रम में गया था परिवार, पीछे से साफ कर दिया हाथ
घटना पिछले साल 18 दिसंबर 2025 की है। हाउसिंग बोर्ड निवासी जितेंद्र जैन अपने परिवार के साथ एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने बाहर गए थे। इसी सूने मकान को देखकर आरोपियों ने प्लानिंग के तहत धावा बोल दिया। अगले दिन जब पीड़ित परिवार घर लौटा, तो अलमारी के ताले टूटे और सामान बिखरा पड़ा था। चोर घर से करीब 10 तोला सोना, 150 ग्राम चांदी के जेवरात और एक प्रेस (इस्तरी) तक समेट कर ले गए थे। ब्यावर सिटी थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार इन अज्ञात चोरों की तलाश में थी।

सीसीटीवी और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आगे टूटे शातिर बदमाश
लंबे समय से पेंडिंग चल रहे इस मामले को सुलझाने के लिए थानाधिकारी आशुतोष पांडे और एएसआई हरनिवास की एक विशेष टीम ग्राउंड पर उतरी। टीम ने घटनास्थल के रूट के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड्स (कार्य प्रणाली शाखा) की मदद ली।

तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने अंधेरी देवरी क्षेत्र से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। शुरुआत में तो तीनों आरोपी पुलिस को चकमा देने की कोशिश करते रहे और टाल-मटोल जवाब दिया, लेकिन जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक (साइकोलॉजिकल) तरीके से कड़ाई से पूछताछ की, तो तीनों टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया।

चोरी की रकम से खरीदी कार, महंगे शौक का था चस्का
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि वे रेकी करके योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी करने का मुख्य मकसद नशे की लत को पूरा करना और ऐशो-आराम की जिंदगी जीना था। इस वारदात को अंजाम देने के बाद मिले पैसों से उन्होंने एक पुरानी होंडा सिटी कार खरीदी थी ताकि रौब झाड़ सकें। पुलिस ने इस कार और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली:
अजीत काठात (26) पुत्र मिठू काठात, निवासी गेनारामपुरा (अंधेरीदेवरी), ब्यावर सदर।

इरफान (21) पुत्र रसुल खान, निवासी सरकना (अंधेरीदेवरी), ब्यावर सदर

महावीर काठात उर्फ पायलट (26) पुत्र भवरू काठात, निवासी गेनारामपुरा (अंधेरीदेवरी), ब्यावर सदर।

इस टीम ने मिलकर खोला राज:
सफलता हासिल करने वाली टीम में थानाधिकारी आशुतोष पाण्डे, एएसआई हरनिवास, कांस्टेबल दुर्गाराम, ललित, मनीष, अशोक शामिल रहे। इस पूरे मामले को क्रैक करने और कड़ियों को जोड़ने में कांस्टेबल जुगल (742) का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।