हिंदी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष में संगोष्ठी हुई आयोजित

मशीनी युग में हिंदी पत्रकारिता से मानवीय संवेदनाएं लुप्त होती जा रही है – जेपी दशोरा

निम्बाहेड़ा 1जून,2026

स्मार्ट हलचल।मीडिया कॉउंसिल औफ जर्नलिस्ट राजस्थान द्वारा श्री दयानंद जिज्ञासु चेरिटेबल फाउंडेशन के सहयोग से हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर संगोष्ठी रविवार सायं को  श्री दयानंद जिज्ञासु सभागार मैं आयोजित हुई।संगोष्ठी में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अरविंद मुंदड़ा  मुख्य अतिथि, वरिष्ठ पत्रकार  जे एम जैन अध्यक्ष, मुख्य वक्ता संपादक जयप्रकाश दशोरा, मीडिया कॉउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट राजस्थान के सचिव लोकेश शर्मा , भारत विकास परिषद अध्यक्ष उमेश तोतला, समाजसेवी बंशी लाल राईवाल  विशिष्ट आतिथि के रूप मे मौजूद रहे।आरम्भ में अतिथियों का परंपरागत रूप से उपरना ओढ़ा कर स्वागत किया गया। अतिथियों ने भारतमाता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन किया। जबकि स्वागत उद्बोधन आयोजन समिति के वजाहत खान पत्रकार ने दिया।

मुख्य वक्ता संपादक जय प्रकाश दशोरा ने अपने वक्तव्य मैं कहा कि एआई की चुनौतियां , इंटरनेट पर चलने वाली फेक न्यूज़ और आज के इस मशीनी युग में हिंदी पत्रकारिता से मानवीय संवेदनाएं लुप्त होती जा रही है। हिंदी पत्रकारिता के दौ सौ साल में जहां पर पीछे का भूतकाल देखते है तो गर्व महसूस होता है, लेकिन वर्तमान समय हिंदी पत्रकारिता का सबसे बुरा काल कहा जा सकता है। दशोरा ने कहा कि आज कल समाचार पत्रों को सरसरी निगाहों से देखा जाता है, जबकि जनसत्ता व दिनमान जैसे  समाचार पत्रों के समय समाचारों को गहनता से पढ़ा जाता था। मुख्य अतिथि मुंदड़ा ने इतिहास के परिपेक्ष्य से पत्रकारिता के महत्व के बारें में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की। वरिष्ठ पत्रकार डॉ जे एम जैन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन मैं हिंदी पत्रकारिता दिवस और प्रथम समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड के इतिहास के बारे विस्तृत जानकारियां प्रदान की। विशिष्ट अतिथि मीडिया कॉउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट राजस्थान के सचिव लोकेश शर्मा ने पत्रकारों के हितों व सुरक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

संगोष्ठी मैं युवा शायर शाहनवाज़ शाद की रचना “सच की सियाही से बना किरदार हो गया, मैं बोलता हुआ कोई अख़बार हो गया” ने खूब वाहवाही लूटी। वहीं शायर जमील अहमद जमील व कमरुद्दीन कमर व कविगण प्रधुम्न श्रीमाली,वाजिद अली वाजिद ने भी एक से बढ़कर एक रचनाएं सुना कर माहौल राष्ट्रीयता से सरोबार कर दिया। संगोष्ठी को भा वि प के अध्यक्ष उमेश तोतला, कृति संस्थान के सिराज अहमद, पूर्व पार्षद शबाना खान आदि ने भी संबोधित किया। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अरविंद मुंदड़ा की ओर से जयप्रकाश दशोरा,लोकेश शर्मा,भजन जिज्ञासु व डॉ जेएम जैन का शॉल ओढा कर सम्मान किया गया। युवा राकेश गुप्ता ने मधुर गीत प्रस्तुत किया।अंत मे श्री दयानद चेरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार भजन जिज्ञासु ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और आभार प्रदर्शित किया। संगोष्ठी का संचालन डॉ सुरेश कुमावत द्वारा किया गया।

इस अवसर पर श्रीमती द्रोपदी जिज्ञासु, चित्तौड़ से शिरकत करने आये अभिषेक श्रीमाली, कुलदीप सुखवाल के अलावा संपादक नुसरत खान,शौकीन वर्मा, पत्रकार ज़ाकिर हुसैन, एसएस अग्रवाल, अशोक टेलर, दिलीप परख,शकील अहमद,बिहारी लाल सोलंकी,फैसल खान, अशोक जिज्ञासु,भागचंद वचछानी, मानसिंह सोलंकी व समाजसेवी भोपालसिंह बोड़ाना,पूरण दातवानी,मो अरसलान खान, अल्बाश खान आदि उपस्थित रहें।