15 दिन में प्रस्ताव नहीं भेजा तो दिसंबर में मुख्यमंत्री घेराव की चेतावनी-किसानों ने लिया संघर्ष का संकल्प
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/निवाई। स्मार्ट हलचल।निवाई उपखंड को नहर सिंचाई परियोजना से जोड़ने की मांग को लेकर किसान महापंचायत ने बड़ा जनजागरण अभियान चलाते हुए 215 गांवों में पांच दिवसीय “जल यात्रा” निकाली। 27 मई को पहाड़ी पंचायत मुख्यालय से शुरू हुई यह यात्रा 31 मई की देर रात करीब 1:30 बजे संपन्न हुई। यात्रा के दौरान किसानों ने गांव-गांव जाकर जल संकट, सिंचाई और पेयजल समस्याओं को लेकर जनसमर्थन जुटाया तथा क्षेत्र को नहर से जोड़ने की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई।
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि यदि आगामी 15 दिनों में जिला प्रशासन और राज्य सरकार निवाई क्षेत्र को सिंचित क्षेत्र घोषित करने तथा नहर परियोजना का प्रस्ताव नहीं भेजती है तो किसान संगठन दिसंबर माह में ट्रैक्टरों के साथ मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगा। उन्होंने कहा कि बिसलपुर और ईसरदा बांधों से जयपुर को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि बांधों के समीप स्थित निवाई क्षेत्र के किसान आज भी सिंचाई और पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवाई की दूरी मात्र 36 से 80 किलोमीटर है, जबकि सैकड़ों किलोमीटर दूर क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। ऐसे में स्थानीय किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।
*”जल से खेती होगी, खेती से समृद्धि आएगी”*
रामपाल जाट ने कहा कि जयपुर क्षेत्र में रामगढ़ बांध, तालाब, तलाई और कुओं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों को अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण समाप्त होने दिया गया।अब दूसरे जिलों के जल संसाधनों पर निर्भरता बढ़ाकर किसानों के हिस्से का पानी छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईसरदा बांध परियोजना की प्रारंभिक योजना में केवल लालसोट और चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के लिए पेयजल का प्रावधान था, लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ा दिया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि निवाई क्षेत्र के दोनों ओर से नहरें निकाली जा रही हैं, किसानों की जमीनें अधिग्रहित की जा रही हैं, लेकिन उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा। किसान अपनी भूमि भी गंवाए और पानी से भी वंचित रहे, यह किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
*मतदान से पहले नेताओं को परखने की अपील*
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने मतदाताओं से आह्वान किया कि जिस प्रकार कोई व्यक्ति खरीदारी से पहले वस्तु को अच्छी तरह परखता है, उसी प्रकार मतदान करते समय उम्मीदवार के कार्य, चरित्र, किसान हितों के लिए संघर्ष और समाज के प्रति योगदान को देखकर ही वोट देना चाहिए। इससे पांच वर्षों तक पछताने की नौबत नहीं आएगी।
*गांव-गांव मिला समर्थन, पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत*
जल यात्रा को गांव-गांव में व्यापक समर्थन मिला। किसानों ने तन, मन और धन से आंदोलन को मजबूती देने का संकल्प लिया। वनस्थली मोड़ निवाई में जल यात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जहां बैंड-बाजों, जेसीबी से पुष्पवर्षा तथा सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोतास बोहरा, राष्ट्रीय महासचिव अकबर खान, प्रदेशाध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष गोपीराम डबास, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा, जिलाध्यक्ष गोपीलाल डोड़वाड़ी सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और ग्रामीण मौजूद रहे। जल यात्रा के संयोजक एवं किसान महापंचायत के निवाई तहसील अध्यक्ष दशरथ सिंह चौहान ने कहा कि निवाई क्षेत्र के किसानों को उनका जल अधिकार दिलाने तक संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
