झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, अलवर और ब्यावर जिलों के 5 विधानसभा क्षेत्रों को मिलेगी नई रफ्तार; 151 किमी से अधिक लंबी सड़कों का होगा निर्माण।
अनिल कुमार
ब्यावर ।स्मार्ट हलचल।जयपुर राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में आवागमन को सुगम बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री दिया कुमारी ने वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा की अनुपालना में प्रदेश की 79 ग्रामीण सड़कों के निर्माण को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 68.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
151.75 किलोमीटर लंबी सड़कों का बिछेगा जाल
इस सरकारी मंजूरी के तहत प्रदेश के 5 प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में कुल 151.75 किलोमीटर लंबाई की ग्रामीण सड़कों का निर्माण और विकास कार्य किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से दूर-दराज के गांवों की शहरों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
इन क्षेत्र को क्या मिला? (क्षेत्रवार आवंटन):
उप मुख्यमंत्री द्वारा जारी स्वीकृतियों के अनुसार, पांच विधानसभा क्षेत्रों में बजट और सड़कों का बंटवारा इस प्रकार किया गया है:
झालावाड़ (झालरापाटन): यहाँ सबसे बड़ी सौगात मिली है। कुल 30 करोड़ रुपये की लागत से 51.05 किमी लंबी 21 सड़कों का निर्माण होगा।
अलवर (राजगढ़-लक्ष्मणगढ़): इस क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की लागत से 33.55 किमी लंबी 19 सड़कों को मंजूरी दी गई है।
झुंझुनूं (नवलगढ़): यहाँ 10 करोड़ रुपये के बजट से 31.15 किमी की 26 ग्रामीण सड़कें बनाई जाएंगी।
ब्यावर (जैतारण): जैतारण क्षेत्र के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 31 किमी लंबी 12 सड़कों का विकास होगा।
जोधपुर (भोपालगढ़): यहाँ 8.30 करोड़ रुपये की लागत से 5 किमी लंबी मुख्य सड़क का निर्माण किया जाएगा।
“अवसंरचना विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता” — दिया कुमारी
इस निर्णय पर बात करते हुए उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा:
“राजस्थान का समग्र विकास तभी संभव है जब हमारे गांव मजबूत होंगे। प्रदेश में अवसंरचना (Infrastructure) का विकास हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण सड़क नेटवर्क मजबूत होने से न केवल ग्रामीणों का सफर आसान होगा, बल्कि गांवों में आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे और लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुँच सकेगा।”
सड़क निर्माण के फायदे:
PWD अधिकारियों के अनुसार, इन सड़कों के बनने से ग्रामीण इलाकों में कृषि मंडियों, स्कूलों और अस्पतालों तक पहुंच आसान हो जाएगी। साथ ही, मॉनसून के समय खराब रास्तों से होने वाली परेशानियों से भी स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। इन स्वीकृतियों के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर धरातल पर काम शुरू किया जाएगा।
