भीलवाड़ा, 2 जून। स्मार्ट हलचल|कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा के कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल रेगर एवं जिला उपाध्यक्ष राकेश देसाई के संयुक्त तत्वावधान में वार्ड संख्या 24, 25 एवं 27 की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे 15 दिन गुजर गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन व नगर निगम द्वारा कच्ची बस्तियों में विकास कार्य नहीं करवाने से वार्डवासियों में गहरा असंतोष है।
नेताओं ने बताया कि नगर निगम भीलवाड़ा द्वारा वर्ष 2022 में उक्त वार्डों में बरसाती पानी की निकासी के लिए कच्ची बस्ती के नालों के निर्माण कार्य में बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप गहराई नहीं रखी गई। परिणामस्वरूप निर्माण के मात्र दो वर्ष के भीतर ही नालों की दीवारें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और नियमित सफाई नहीं होने के कारण उनमें झाड़ियां एवं पेड़-पौधे उग आए हैं, जिससे कई स्थानों पर नाले पूरी तरह अवरुद्ध हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व पार्षद प्रत्याशी राकेश देसाई ने बताया कि सरकारी स्कूल के पीछे सलीम भाई तगारी के घर से पूरण भाई सांसी के घर तक सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसी तरह कांवाखेड़ा में सामुदायिक भवन के पीछे बने बरसाती नाले में इतना कूड़ा-कचरा भरा हुआ है कि पानी का बहाव बंद है। नाले की गंदी बदबू से आस-पास के क्षेत्रवासियों को काफी दिक्कत होती है और गंदे पानी से कीड़े व जहरीले जीव-जंतु किसी भी समय लोगों के घरों में घुस जाते हैं।
इसके साथ ही कच्ची बस्ती कांवाखेड़ा पुलिस चौकी के सामने 60 फीट रोड पर भी जगह-जगह पीने के पानी की पाइपलाइन टूटी हुई है। इस संबंध में कई बार लिखित शिकायतें संबंधित विभाग एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब पार्षदों का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद वार्डवासियों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
ज्ञापन में की गई मुख्य मांगें:
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए, जो नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही आगामी बरसात से पूर्व नालों एवं नालियों की व्यापक सफाई, क्षतिग्रस्त नालों की मजबूत मरम्मत, टूटी हुई सड़कों का पुनर्निर्माण, बंद पड़ी रोड लाइटों को चालू करने तथा पेयजल आपूर्ति की समयावधि बढ़ाने की मांग की गई है।
कन्हैयालाल रेगर एवं राकेश देसाई ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून में तेज बारिश से बहने वाले नाले के कारण कोई भी जनहानि या जान-माल का नुकसान हुआ, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी, जिसके विरोध में वार्डवासियों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
