कबाड़ गोदाम में खून से लथपथ मिला शव, कलाई पर भी गहरे घाव; हत्यारों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर थाने पर 9 घंटे चला धरना, प्रशासन के आश्वासन पर माने परिजन
मनोहरपुर/जयपुर [ स्मार्ट हलचल ब्यूरो ]जयपुर के मनोहरपुर थाना इलाके में सोमवार रात अज्ञात बदमाशों ने बड़ी दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए भाजपा अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। वे सोमवार रात को बस स्टैंड के पास स्थित अपने कबाड़ गोदाम में खून से लथपथ हालत में मिले। इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में मंगलवार सुबह से ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मनोहरपुर थाने के सामने शव रखकर करीब साढ़े नौ घंटे तक कड़ा प्रदर्शन और धरना दिया। प्रशासन द्वारा मुआवजे और नौकरी के लिखित आश्वासन के बाद शाम को धरना समाप्त हुआ।
गोदाम में घुसकर वारदात को दिया अंजाम:
SHO (मनोहरपुर) सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि मनोहरपुर कस्बा निवासी रामावतार असवाल उर्फ पप्पू (55) मनोहरपुर बस स्टैंड के पास स्थित अपने कबाड़ के गोदाम पर सोमवार रात को मौजूद थे। शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7:30 बजे एक संदिग्ध व्यक्ति गोदाम पर आया था। उसने अंदर घुसकर धारदार हथियार से रामावतार का गला रेत दिया और मौके से भाग छूटा। एडिशनल एसपी रणवीर सिंह ने बताया कि मृतक भाजपा नेता ने अपने बचाव की भी पुरजोर कोशिश की होगी, जिसके कारण उनकी कलाई पर भी धारदार हथियार का गहरा घाव पाया गया है।
डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य:
काफी देर तक जब रामावतार घर नहीं लौटे तो चिंतित परिजन गोदाम पहुंचे। वहां का खौफनाक मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। रामावतार लहूलुहान अवस्था में जमीन पर पड़े थे। परिजन उन्हें तुरंत निम्स (NIMS) हॉस्पिटल लेकर भागे और पुलिस को सूचना दी, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया। पुलिस ने सोमवार रात को ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (FSL) की टीम को मौके पर बुलाकर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य और फिंगरप्रिंट जुटाए।
मुआवजे और नौकरी के आश्वासन पर शाम को खत्म हुआ धरना:
हत्याकांड से आक्रोशित परिजन और सैकड़ों ग्रामीण मंगलवार सुबह 8:00 बजे मनोहरपुर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारी हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और उचित आर्थिक मुआवजे की मांग पर अड़े थे।
शाम को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में पुलिस ने 5 दिनों के भीतर हत्याकांड का पर्दाफाश करने का पुख्ता आश्वासन दिया। इसके साथ ही प्रशासन ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने, एक डेयरी बूथ के आवंटन का प्रस्ताव सरकार को भेजने और 7 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा देने की आधिकारिक घोषणा की। इस सहमति के बाद शाम 5:30 बजे परिजनों ने धरना समाप्त कर शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। पुलिस ने हत्यारों की तलाश के लिए 4 विशेष टीमें गठित कर संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला आपसी रंजिश का लग रहा है।
