अशरफी साहब का 25वां सालाना उर्स झंडे की रस्म के साथ शुरू

दरगाह पर अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़, फातिहा और सलातो-सलाम के साथ मांगी अमन-चैन की दुआ

चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। बूंदी रोड स्थित कौमी एकता के प्रतीक मेवाड़ के महान सूफी संत हजरत हाफिज सैय्यद सरदार अहमद कादरी चिश्ती अशरफी रहमतुल्लाह अलैह का 25वां सालाना उर्स मुबारक बुधवार को परचम कुशाई (झंडा चढ़ाने) की रस्म के साथ शुरू हुआ। उर्स के आगाज पर दरगाह परिसर में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंचकर हाजिरी दी और मुल्क में अमन, भाईचारे एवं खुशहाली की दुआ मांगी।

सज्जादानशीन हाजी मोहम्मद सलीम अशरफी ने बताया कि उर्स के प्रथम दिन कुरान शरीफ की तिलावत एवं महफिल-ए-मिलाद शरीफ के आयोजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान अशरफी साहब की मुरीदा शहनाज खान विशेष झंडा लेकर दरगाह शरीफ पहुंचीं, जहां परंपरागत विधि-विधान से परचम कुशाई की रस्म अदा की गई।

झंडा शरीफ की रस्म सज्जादानशीन मोहम्मद सलीम अशरफी, मोहम्मद यूसुफ अशरफी, मौलाना मोहम्मद उमेर अशरफी, मौलाना खलील साहब बरकाती एवं शहर काजी अब्दुल मुस्तफा चिश्ती की मौजूदगी में संपन्न हुई।

इस अवसर पर मुफ्ती उस्मान अशरफी अल-अजहरी, मौलाना जुबेर अशरफी अल-अजहरी, मौलाना जुनेद अशरफी, मौलाना खलील बरकाती एवं शोएब अशरफी ने फातिहा, दरूद-ए-ताज एवं सलातो-सलाम पेश कर विशेष दुआ की। उलेमा-ए-किराम ने देश में शांति, सद्भाव, तरक्की और इंसानियत के संदेश को मजबूत बनाने की कामना की।

उर्स समारोह में शहर काजी अब्दुल मुस्तफा चिश्ती, हाफिज जावेद, मौलाना तौसीफ, सोनू अशरफी, सईद भाई सहारा, इकबाल साहब कादरी, हारून भाई नागौरी, अब्दुल सलाम मीना, लियाकत साहब शोरगर, अब्दुल लतीफ शोरगर, यासीन छीपा, उजेर अशरफी, उमर छीपा, शरीफ छीपा, महबूब भाई, गुलाम हुसैन, रईस मोहम्मद, शकील अहमद शेख, उस्मान भाई बेगूं सहित सैकड़ों मुरीदीन एवं मोतकीदीन मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अकीदतमंदों के बीच लंगर वितरित किया गया। उर्स के आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में जायरीन के पहुंचने की संभावना है।