धर्मकांटे की आड़ में फैला प्रदूषण-अवैध गतिविधियों के आरोपों से क्षेत्र में आक्रोश
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/निवाई।स्मार्ट हलचल।स्थानीय कृषि मंडी क्षेत्र के झिलाय रोड स्थित “रिया धर्मकांटे” पर इन दिनों नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। किराये पर संचालित इस धर्मकांटे की आड़ में भारी पैमाने पर वेल्डिंग और आयरन वर्क (लोहे का कार्य) किए जाने का मामला सामने आया है। इससे क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, धर्मकांटे के परिसर में व्यावसायिक नियमों के विपरीत खुलेआम लोहे की कटाई, घिसाई और वेल्डिंग का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान निकलने वाली चिंगारियां, जहरीला धुआं और दिनभर होने वाला तेज शोर आसपास के वातावरण को दूषित कर रहा है।कृषि मंडी क्षेत्र होने के कारण यहां किसानों और वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में खुले में किए जा रहे वेल्डिंग कार्य से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
*अवैध गतिविधियों के आरोपों से बढ़ी चिंता*
स्थानीय निवासियों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि मामला केवल प्रदूषण तक सीमित नहीं है। लोगों का आरोप है कि धर्मकांटे की आड़ में लंबे समय से कई प्रकार की संदिग्ध और अवैध गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। आरोप है कि सूर्यास्त के बाद परिसर में संदिग्ध लोगों का जमावड़ा लगने लगता है, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
*स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी*
स्थानीय निवासियों का कहना है कि धर्मकांटे का मूल कार्य केवल वाहनों का वजन करना होता है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर पूरा कारखाना संचालित किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि इससे न केवल प्रदूषण फैल रहा है, बल्कि क्षेत्र का माहौल भी खराब हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए ऐसे कार्यों पर रोक लगाने की मांग की है।
*प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार*
एक ओर राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अवैध रूप से संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहे हैं, वहीं झिलाय रोड स्थित इस परिसर में खुलेआम नियमों की अनदेखी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन, कृषि मंडी समिति और प्रदूषण नियंत्रण विभाग इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर कब तक कार्रवाई करते हैं।
