एजाज़ अहमद उस्मानी
स्मार्ट हलचल।मेड़ता रोड कस्बे के सदर बाजार स्थित सुगनचंद केदारनाथ डागा सार्वजनिक धर्मशाला को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। धर्मशाला की सुरक्षा एवं सार्वजनिक स्वरूप बनाए रखने की मांग को लेकर ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने उपखंड अधिकारी मेड़ता को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया गया कि धर्मशाला परिसर में स्थित मकरध्वज भगवान का मंदिर क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां वर्षों से श्रद्धालु नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। वर्तमान में धर्मशाला भवन जर्जर अवस्था में है तथा पिछले डेढ़-दो वर्षों से इस भूमि पर कथित रूप से भूमाफियाओं की नजर होने के कारण समय-समय पर विवाद की स्थिति बनती रही है।
ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार रात कुछ लोगों द्वारा धर्मशाला का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने की घटना के बाद बुधवार सुबह क्षेत्र में माहौल गरमा गया। घटना से चिंतित लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर धर्मशाला और मंदिर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में रामनिवास लटियाल, ब्रम्हाणी माता मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष रामविलाश शर्मा, कैलाश शर्मा, रामेश्वर गहलोत, मुकेश बंजारा, चेतनस्वरूप चौहान, लूमनाथ सपेरा, रामनिवास जाजड़ा, ओमपुरी, रामनारायण शर्मा, जसाराम लटियाल, नरसीराम मेघवाल सहित अन्य नागरिक शामिल रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि धर्मशाला सार्वजनिक संपत्ति है, इसलिए इसका उपयोग एवं उपभोग आमजन के हित में ही होना चाहिए तथा इसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
