एजाज़ अहमद उस्मानी
स्मार्ट हलचल।मेड़ता रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इन दिनों जर्जर भवन की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि मामूली बारिश में भी छत टपकने लगती है, जिससे अस्पताल में उपचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सीएचसी के अंदर हालात यह हैं कि बारिश का पानी सीधे जांच मशीनों और चिकित्सा उपकरणों पर गिरता रहता है, जिससे न केवल उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है, बल्कि मरीजों की जांच और उपचार कार्य भी बाधित हो रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब ढाई सौ से तीन सौ मरीजों की ओपीडी रहती है, ऐसे में जर्जर भवन की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है।
स्थानीय लोगों और चिकित्सा स्टाफ का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक भवन के नवीनीकरण या नए निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे मरीजों और स्टाफ दोनों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि तीन वर्ष पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के रूप में क्रमोन्नत किया गया था, लेकिन आज तक नया भवन नहीं बन सका है। पुराने भवन की जर्जर स्थिति अब स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही भवन की मरम्मत या नया निर्माण नहीं किया गया, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। मरीजों की संख्या और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यह स्वास्थ्य केंद्र अब तत्काल ध्यान और कार्रवाई की मांग कर रहा है।
