पिवणिया व क्षीरसागर की जल आवक में मिला मेडिकल वेस्ट का जखीरा

चिकित्सा विभाग ने दिखाई सख्ती, पुलिस थाने में दर्ज कराया मामला
शाहपुरा के निजी अस्पतालों व मेडिकल स्टोर संचालकों में मचा हड़कंप
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल।शहर में आसींद रोड़ पर विद्युत ग्रिड के समीप पिवणिया तालाब (क्षीरसागर) में बारिश के पानी की आवक के रास्ते पर मेडिकल वेस्ट मिलने के मामले में चिकित्सा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को शाहपुरा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। विभाग की इस कार्रवाई से निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया है।
इस संवाददाता द्वारा प्रकरण के संज्ञान में लाने के बाद ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेनाराम कुमावत विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पालिका की स्वास्थ्य शाखा के कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाकर मेडिकल वेस्ट की बारीकी से जांच करवाई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बरामद बायो-मेडिकल वेस्ट किसी सरकारी चिकित्सा संस्थान का नहीं है। अधिकारियों के अनुसार यह किसी निजी चिकित्सा संस्थान अथवा मेडिकल स्टोर से संबंधित हो सकता है।
डॉ. कुमावत ने बताया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस थाना शाहपुरा में रिपोर्ट देकर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया है। रिपोर्ट में बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2016, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 तथा अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मेडिकल वेस्ट पर अंकित बैच नंबर और कोड नंबर के आधार पर इसके स्रोत का पता लगाया जा सकता है।
इससे पहले जिला चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. अशोक जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच समिति गठित की थी। समिति में फार्मासिस्ट प्रकाश शर्मा, डीडीसी सहायक संपत तेली तथा आयन को शामिल किया गया। समिति ने आसींद रोड बाइपास स्थित विद्युत ग्रिड के पास करीब 200 मीटर दूरी पर पड़े मेडिकल वेस्ट का निरीक्षण कर विस्तृत जांच की।
जांच रिपोर्ट में भी स्पष्ट किया गया कि बरामद मेडिकल वेस्ट किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान का नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार मौके पर मिली सामग्री में विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के उत्पाद शामिल थे, जिससे यह संभावना व्यक्त की गई कि यह वेस्ट किसी निजी मेडिकल स्टोर या निजी चिकित्सा संस्थान से संबंधित हो सकता है।
पीएमओ डॉ. अशोक जैन ने बताया कि जांच की तथ्यात्मक रिपोर्ट अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाशचंद रेगर एवं उपखंड अधिकारी शाहपुरा सुनील मीणा को भेज दी गई है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को जीव दया सेवा समिति शाहपुरा ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। समिति के संयोजक अत्तू खां कायमखानी ने चिकित्सा मंत्री के मार्फत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से वार्ता कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि बरसात के मौसम को देखते हुए पानी की आवक के सभी प्राकृतिक मार्गों की जांच कराई जानी चाहिए तथा जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। विभागीय कार्रवाई के बाद अब मेडिकल वेस्ट फेंकने वालों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।