* सूंथडा में पुलिस ने बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी-ग्रामीणों की भीड़ जुटी,
* बजरी पर पुलिस कार्रवाई के दौरान बिना रुके मौके से गुजरे एसपी रोशन मीणा-पुलिस कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा।स्मार्ट हलचल।जिले में अवैध बजरी परिवहन पर अंकुश लगाने के दावों के बीच शनिवार को उनियारा सर्किल अन्तर्गत बनेठा थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने खनन माफियाओं की सक्रियता और प्रशासनिक सख्ती को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए।एक ओर जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा (आईपीएस) उनियारा सर्किल के दौरे पर थे, वहीं दूसरी ओर सूंथडा गांव में अवैध बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े जाने की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब 5 बजे बनेठा थाना पुलिस ने सूंथडा गांव में अवैध बजरी परिवहन की सूचना पर कार्रवाई करते हुए बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान 112 पुलिस वाहन के सीसीटीवी कैमरों में भी पूरी गतिविधि रिकॉर्ड हुई। ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े जाने की सूचना फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए, जिससे क्षेत्र में हलचल का माहौल बन गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बनेठा थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बजरी परिवहन का कारोबार जारी है। समय-समय पर कार्रवाई होने के बावजूद बजरी माफियाओं के हौसले कम नहीं हुए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ओवरलोड बजरी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कों की हालत बदतर हो चुकी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों व ग्रामीणों के अनुसार जब सूंथडा गांव में पुलिस की कार्रवाई चल रही थी और ग्रामीणों की भीड़ मौजूद थी, उसी दौरान शनिवार शाम के समय 5 बजकर 21 मिनट पर जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा का काफिला बनेठा से सूंथडा होते हुए ढिकोलिया की ओर निकला। ग्रामीणों का कहना है कि एसपी का वाहन घटनास्थल पर बिना रुके आगे बढ़ गया, जिसके बाद यह मामला क्षेत्रभर में चर्चा का विषय बन गया।घटना के बाद एक बार फिर अवैध खनन और बजरी परिवहन पर नियंत्रण को लेकर बहस तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस अधीक्षक के दौरे के दौरान ही अवैध बजरी परिवहन का मामला सामने आ रहा है, तो सामान्य परिस्थितियों में स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन और बजरी परिवहन के खिलाफ केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि निरंतर और प्रभावी अभियान चलाया जाए।
*उठ रहे हैं कई अहम सवाल*
🔹 एसपी के दौरे के दौरान ही अवैध बजरी परिवहन कैसे जारी रहा?
🔹 क्या बजरी माफिया कार्रवाई के बावजूद बेखौफ होकर सक्रिय हैं?
🔹 अवैध खनन और परिवहन पर स्थायी रोक लगाने के लिए प्रशासन की क्या कार्ययोजना है?
🔹 क्या लगातार कार्रवाई के दावों के बावजूद क्षेत्र में बजरी माफियाओं का नेटवर्क प्रभावी बना हुआ है?
फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीणों ने अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ कठोर, पारदर्शी और निरंतर कार्रवाई की मांग उठाई है।
