एजाज़ अहमद उस्मानी
स्मार्ट हलचल।जैसलमेर में वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ के साथ कथित रूप से हुए प्रशासनिक कार्रवाई विवाद को लेकर रविवार को पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) की जोधपुर जिला इकाई के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला अध्यक्ष प्रदीप जोशी ने किया। इस दौरान रंजन दवे, जितेंद्र डूडी, भूपेंद्र बिश्नोई, समीर खान, प्रकाश शर्मा, जितेंद्र पुरोहित, लक्षिता दवे और मुकेश श्रीमाली सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मार्च माह में जैसलमेर में हुई कार्रवाई पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करती है। पत्रकारों के अनुसार उपेंद्र सिंह राठौड़ वर्ष 2004 से वैध अनुमति के साथ अपना रेस्टोरेंट संचालित कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने बिना उचित प्रक्रिया अपनाए उसके खिलाफ कार्रवाई की।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने के बाद कथित रूप से प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की गई। इसमें जेसीबी से प्रतिष्ठान को ध्वस्त किए जाने और भारी आर्थिक नुकसान का दावा किया गया।
पत्रकारों ने मांग की कि पूरे मामले की जांच पूरी होने तक संबंधित कार्रवाई पर रोक लगाई जाए, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और उपेंद्र सिंह राठौड़ को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई एवं आजीविका पुनर्स्थापन सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया गया कि वे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करवाएं, ताकि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके।
