विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल से संचालित पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र में संचालित चिकित्सा शिविर में अब तक 7 राज्यों के 21 जिलों के 4100 से अधिक रोगी हुए लाभान्वित
बूंदी- स्मार्ट हलचल।मंगलवार को आयुर्वेद विभाग कोटा संभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ अंजना शर्मा ने बालचंदपाडा स्थित राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय बूंदी में संचालित सभी इकाइयों का गहनता से निरीक्षण कर चिकित्सालय प्रभारी डॉ सुनील कुशवाह से चिकित्सालय द्वारा आमजन को प्रदान की जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सालय में विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल से संचालित पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र बूंदी में संचालित चिकित्सा शिविर में उपचाराधीन जटिल कष्टसाध्य रोगियों से पीड़ित रोगियों से फीडबैक प्राप्त किये। डॉ सुनील कुशवाह ने बताया कि इस शिविर में अब तक देश के 7 राज्यों के 21 जिलों के 4100 से अधिक रोगी लाभान्वित हो चुके हैं। निरीक्षण के दौरान स्थानीय रोगियों के साथ साथ बड़ी संख्या में दूसरे जिलों से आकर उपचार करवा रहे ओस्टियोआर्थराइटिस, सिएटिका, तंत्रिका & मस्तिष्कजन्य विकार, पक्षाघात माइग्रेन, अनिद्रा,दृष्टि दोष आदि रोगों से पीड़ित रोगियों ने बताया कि पंचकर्म चिकित्सा द्वारा 5-7 दिनों में ही त्वरित & प्रभावी राहत मिली है। अतिरिक्त निदेशक डॉ अंजना शर्मा ने बताया कि पंचकर्म चिकित्सा आयुर्वेद की विशिष्ट विधा है, जिसमें शरीर से रोगोत्पादक तत्वों को शरीर से बाहर निकालकर शरीर को निरोगी रखा जाता है। बूंदी का पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र बूंदी अपनी प्रभावी गुणवत्तापूर्ण सेवाओं & नवाचार तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मा) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते राजस्थान में माडल के रूप में जाना जाता है,इसी के चलते आयुष विभाग राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 2025 का श्रेष्ठ चिकित्सालय का धनवंतरी पुरस्कार “पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र बूंदी” को मिला है। इस अवसर पर संभागीय अतिरिक्त निदेशक ने चिकित्सालय में रोगी सुविधाएं बढ़ाने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की, जिनसे चिकित्सालय की कार्यक्षमता अगले 3 माह में 50% बढ़ जायेगी।
