एजाज़ अहमद उस्मानी
स्मार्ट हलचल।राजस्थान में प्रस्तावित कंप्यूटर अनुदेशक (BCI) भर्ती 2026 को लेकर प्रदेशभर के युवाओं में रोष और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मेड़ता रोड सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने, आरक्षण व्यवस्था में सुधार करने और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की।
युवाओं ने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान में जारी भर्ती विज्ञापन के अनुसार कुल 3415 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है, जिनमें 2736 पद नॉन-टीएसपी क्षेत्र के लिए तथा 679 पद टीएसपी क्षेत्र के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसमें विभिन्न श्रेणियों जैसे सामान्य, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी, एमबीसी, एससी और एसटी के लिए अलग-अलग पदों का निर्धारण किया गया है।
*कंप्यूटर शिक्षा की आवश्यकता के मुकाबले कम पदों पर नाराजगी*
ज्ञापन में युवाओं ने तर्क दिया कि राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके अनुरूप कंप्यूटर अनुदेशकों के पद बेहद कम रखे गए हैं। उनका कहना है कि राज्य के विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हजारों अतिरिक्त पदों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान भर्ती में वास्तविक जरूरत का केवल एक छोटा हिस्सा ही शामिल किया गया है।
युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले वर्ष 2022 में हुई भर्ती प्रक्रिया में भी कई प्रकार की विसंगतियां और अनियमितताएं सामने आई थीं, जिनका पूर्ण समाधान आज तक नहीं हो पाया है। इसी कारण अभ्यर्थियों में असंतोष की भावना बनी हुई है।
*बेरोजगार युवाओं की प्रमुख मांगें*
ज्ञापन में युवाओं ने सरकार से निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—
कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती 2026 में कुल पदों की संख्या को बढ़ाकर वास्तविक आवश्यकता के अनुसार किया जाए
आरक्षण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं न्यायसंगत बनाया जाए
सभी वर्गों (सामान्य, ओबीसी, एमबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी) को समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं
भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष और डिजिटल माध्यम से पारदर्शी बनाया जाए
विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा के विस्तार को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पदों का सृजन किया जाए।
*प्रदेशभर से जुटे युवाओं ने जताई चिंता*
मेड़ता रोड, जयपुर, जोधपुर, नागौर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर कहा कि यदि समय रहते सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो बेरोजगार युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा। युवाओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
*शिक्षा मंत्री से त्वरित हस्तक्षेप की मांग*
युवाओं ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से आग्रह किया कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करवाएं और पदों की संख्या बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करें, ताकि प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं को न्याय मिल सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हुए सरकार से पारदर्शी और व्यापक भर्ती प्रक्रिया लागू करने की अपील की।
