घटिया सामग्री का आरोप, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को लगाई फटकारय ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
आसींद रोड पर निर्माणाधीन 4 करोड़ 16 लाख रुपए की लागत वाले बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय भवन के निर्माण कार्य में कथित गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलने पर शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता पर असंतोष जताते हुए उन्होंने मौके पर ही निर्माण कार्य रुकवाने तथा संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशाषी अभियंता को मौके पर बुलाया और निर्माण कार्य का निरीक्षण कराया। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। विधायक ने कहा कि भवन निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई दे रही है और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विधायक के अनुसार निरीक्षण के दौरान दीवारों की चिनाई इतनी कमजोर मिली कि हाथ लगाने पर ही पत्थर और मसाला टूटकर गिरने लगे। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को यह स्थिति दिखाते हुए कहा कि इस प्रकार का निर्माण भविष्य में गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने बजरी, गिट्टी और रेत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए तथा कहा कि उपयोग की जा रही सामग्री अपेक्षित स्तर की नहीं है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा स्पष्टीकरण देने की कोशिश पर विधायक ने नाराजगी जताई और कहा कि बहाने बनाने के बजाय गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए तथा घटिया सामग्री को हटाकर तकनीकी मानकों के अनुसार दोबारा निर्माण कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के धन से बनने वाले भवनों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विधायक ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही मिट्टी आसपास के क्षेत्र से बिना खनिज एवं राजस्व विभाग की अनुमति के लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में अनियमितता पाई जाती है तो इसकी भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि घटिया सामग्री से बने भवन के भविष्य में क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी तय करना आवश्यक होगा।
डॉ. बैरवा ने संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई तो संबंधित विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
निरीक्षण के दौरान मौजूद स्थानीय नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अपनी शिकायतें विधायक के समक्ष रखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण में शुरू से ही घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। विधायक ने सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार विकास कार्यों पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। ऐसे में निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के धन का दुरुपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति, ठेकेदार या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा तथा निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाएगा।
