चौथी बार भी प्रशासन नहीं कर पाया फसल की नीलामी
सूरौठ। स्मार्ट हलचल|गांव रीझवास में 70 बीघा चारागाह भूमि में खड़ी सरसों एवं गेहूं की फसल की नीलामी तहसील प्रशासन चौथी बार भी नहीं कर पाया। तय तिथि के मुताबिक सोमवार को तहसील परिसर में राजस्व विभाग की टीम ने चौथी बार फिर से नीलामी की प्रक्रिया शुरू की लेकिन किसी भी ग्रामीण ने पहले की तरह इस बार भी बोली नहीं लगाई जिसके कारण फसल की नीलामी नहीं हो सकी। नीलामी प्रक्रिया के दौरान गांव रीझवास के सैकड़ो ग्रामीण तहसील परिसर में मौजूद रहे। तहसीलदार संजीव धाकड़ एवं गिरदावर लक्ष्मी नारायण शर्मा ने बताया कि सूरौठ तहसील के गांव रीझवास में खसरा नंबर 1260 की करीब 70 बीघा चारागाह भूमि पर 25 ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर सरसों एवं गैंहू की फसल बो रखी है। इस मामले में तहसील प्रशासन ने पिछले दिनों अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ 91 की कार्रवाई करते हुए फसल की नीलामी के आदेश जारी किए थे। तहसील प्रशासन ने पहले 3 फरवरी को रीझवास की 70 बीघा चारागाह भूमि में खड़ी फसल की तहसील कार्यालय में नीलामी करने के आदेश जारी किए थे। सबसे पहले नीलामी की तिथि 3 फरवरी तय की गई थी। 3 फरवरी को किसी भी ग्रामीण की ओर से बोली नहीं लगाए जाने के कारण तहसील प्रशासन ने फसल की नीलामी के लिए 13 फरवरी की तिथि निश्चित की थी। 13 फरवरी को भी किसी ग्रामीण ने बोली नहीं लगाई। इसके पश्चात तहसील प्रशासन ने चारागाह भूमि में खड़ी फसल की नीलामी के लिए 18 फरवरी की तिथि तय की थी। लेकिन बोली नहीं लगाने की वजह से 18 फरवरी को भी नीलामी नहीं हो सकी। इसके बाद तहसील प्रशासन ने 23 फरवरी को फसल की नीलामी करना तय किया था। 23 फरवरी को सुबह 11 बजे फसल की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई। नीलामी की प्रक्रिया के दौरान तहसीलदार संजीव धाकड़, गिरदावर लक्ष्मी नारायण शर्मा, पटवारी श्याम सिंह सोलंकी सहित सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। शाम 5 बजे तक किसी भी ग्रामीण ने बोली नहीं लगाई जिसके कारण सोमवार को भी फसल की नीलामी नहीं हो सकी।
तहसील प्रशासन ने चार बार शुरू की 70 बीघा चारागाह भूमि में खड़ी फसल की नीलामी की प्रक्रिया फिर नहीं लगाई किसी भी ग्रामीण ने बोली
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