निरंकारी बाल समागम में बच्चों ने दिया मानवता, प्रेम और संस्कारों का संदेश

दिलखुश मोटीस

सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल।संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में जोन-21 अजमेर का जोन स्तरीय निरंकारी बाल समागम शनिवार को टांकावास स्थित निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित किया गया। सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित इस समागम में बच्चों ने गीत, संगीत, विचार, नुक्कड़ नाटक एवं कवि दरबार जैसे विविध कार्यक्रमों के माध्यम से मानवता, प्रेम, एकता और संस्कारों का संदेश दिया।
जोनल इंचार्ज सुनील बाली ने बताया कि बाल सत्संग के बच्चों ने हिंदी, अंग्रेजी और राजस्थानी भाषा में अपनी प्रस्तुतियों के जरिए मानवीय गुणों से युक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी। बच्चों ने सत्संग, सेवा और सिमरन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि आध्यात्मिक संगति से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं तथा आनंद और सुकून की प्राप्ति होती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संत निरंकारी मिशन के केंद्रीय प्रचारक संत राजीव बिजल्वाण ने कहा कि यदि बच्चों को बचपन से ही अध्यात्म की समझ मिल जाए तो वे जीवन में अनेक उपलब्धियां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संसार की शिक्षा व्यक्ति को उच्च पद दिला सकती है, लेकिन उस पद की गरिमा बनाए रखने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को सत्संग, सेवा और सिमरन से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि “कुछ भी बनो, मुबारक है, मगर पहले इंसान बनो।”
उन्होंने कहा कि आज दुनिया में जाति, धर्म और मजहब के नाम पर अनेक भेदभाव देखने को मिलते हैं, जबकि निरंकारी मिशन का उद्देश्य मानव को मानव से प्रेम करना सिखाना है। मिशन विश्व में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रहा है, जिससे समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और एकता का वातावरण बने।
ब्रांच मुखी कालूराम निरंकारी ने बताया कि समागम में जोन की विभिन्न शाखाओं से आए बाल अनुयायियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और सद्गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता पर सभी संयोजकों, ब्रांच मुखियों, सेवादल अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों तथा उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।