भीलवाड़ा | सुरेश चन्द्र मेघवंशी
भीलवाड़ा जिले के रूपाहेली गांव में बलाई समाज के साथ कथित रूप से हुए सामाजिक बहिष्कार, भेदभाव, मारपीट एवं अत्याचार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अखिल भारतीय बलाई महासभा के बैनर तले बलाई समाज के सैकड़ों लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए सोमवार को भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक वह प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
दिये ज्ञापन में बताया कि कोटड़ी तहसील के दोवनी निवासी गोपाल लाल भट्ट पर आरोप है कि उन्होंने रूपाहेली गांव के सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाला निर्णय जारी करते हुए अनुसूचित जाति समाज द्वारा दिए जाने वाले चंदे को ब्रह्मभोज में शामिल नहीं करने की बात कही। इसके बाद गांव में सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
बताया गया कि 8 मार्च 2026 को रूपाहेली गांव के हनुमान मंदिर में आयोजित होने वाले एक सामाजिक कार्यक्रम को लेकर हुई बैठक में कुछ लोगों द्वारा यह निर्णय लिया गया कि बलाई समाज से किसी प्रकार का दान, चंदा या सहयोग नहीं लिया जाएगा तथा समाज के लोगों को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
इस निर्णय के विरोध में बलाई समाज के परिवारों ने कार्यक्रम से दूरी बनाने का फैसला किया। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने पुनः बैठक कर समाज का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान जारी कर दिया। आरोपों के अनुसार गांव के राशन विक्रेताओं, नाइयों, मेडिकल संचालकों तथा अन्य दुकानदारों को बलाई समाज के लोगों को सेवाएं नहीं देने के निर्देश दिए गए। साथ ही आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी दी गई।
समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की जाए।
प्रमुख मांगें
1. गोपाल लाल भट्ट की गिरफ्तारी कर सार्वजनिक माफी मंगवाई जाए।
2. सर्वसमाज एवं प्रशासन की संयुक्त जांच समिति गठित की जाए तथा दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
3. एफआईआर दर्ज नहीं करने के आरोप में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
4. मारपीट, गाली-गलौज एवं अत्याचार के आरोपियों को एससी/एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जाए।
5. सामाजिक बहिष्कार से जुड़े किराणा, मेडिकल, नाई एवं अन्य सेवाओं पर रोक लगाने के मामलों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
