परम पूज्य श्री परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में श्री परमहंस आश्रम, पाली (महुवा) में आयोजित दो दिवसीय त्रिशूल पूजा भंडारा एवं सत्संग कार्यक्रम मे उमड़ा जन सैलाब व जनप्रतिनिधियों सहित श्रद्धालुओं ने लिया भाग आशीर्वाद
हेलीकॉप्टर से विदाई देने उमड़ा जन सैलाब
नीरज मीणा
महुवा।स्मार्ट हलचल/ दौसा जिले के महुवा के पाली बाणगंगा नदी के किनारे स्थित श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के श्री परमहंस आश्रम में यथार्थ गीता के प्रणेता विश्वविख्यात संत स्वामी श्री अड़गड़ानंद महाराज के विशेष हेलीकॉप्टर से पाली स्थित आश्रम पहुंचने के बाद पावन दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य साधु संतों देश भर से आए भक्तों के साथ श्रद्धालुओं को मिला
महुवा शहर के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक और भावुक रहा। ‘यथार्थ गीता’ के प्रणेता, परम पूज्य संत शिरोमणि स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज अपने दो दिनों के अल्प प्रवास के बाद सोमवार को हेलीकॉप्टर द्वारा महुवा से रवाना हुए। महाराज जी के दर्शन और विदाई के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरा आसमान ‘जय गुरुदेव’ के जयकारों से गूंज उठा। महाराज की कृपा और उनका आशीर्वाद हमेशा सभी श्रद्धालुओं सहित महवा वासियों पर बना रहे।
सोमवार को त्रिशूल स्थापना प्रवचन सत्संग भंडारा के बाद दोपहर विशेष हेलीकॉप्टर से महुवा आश्रम से स्वामी अड़गड़ानंद का आश्रम से जुड़े हुए भक्तों के साथ साधु संतों श्रद्धालुओं आम जन ने ढोल नगाड़ों के साथ पुष्प वर्षा कर विदाई दी।
इस दौरान पूरे भारत देश से आए हुए श्रद्धालुओं सहित श्री अड़गड़ानंद महाराज के श्री परमहंस आश्रम, पाली (महुवा) में दिव्य दर्शन कर उनका पावन आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कहा कि सद्गुरुदेव का सानिध्य आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं धर्ममार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करता है। उनके श्री चरणों में प्रणाम कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की मंगलकामना की।यथार्थ गीता के रचयिता, श्री परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के महुवा की पावन धरा आगमन पर समस्त भक्तों और क्षेत्रवासियों की ओर से उन्हें कोटि-कोटि नमन, भावभीना स्वागत एवं हार्दिक अभिनंदन करने के बाद आज सोमवार को विदाई देते समय जयकारों से आसमान गूंज उठा।
गुरु चरणानंद महाराज, नारद महाराज, चिंतनमया नंद महाराज, गिरजानंद महाराज, आशीष महाराज, संतोष महाराज, त्यागी बाबा ,यज्ञानंद ,आभानंद, संतों ने कहा कि कहा कि संतों का आगमन किसी भी भूमि पर ईश्वर की असीम कृपा का प्रतीक होता है। स्वामीअड़गड़ानंद महाराज ने ‘यथार्थ गीता’ के माध्यम से गीता के सच्चे और व्यावहारिक रूप को जन-जन तक पहुँचाकर मानवता का जो कल्याण किया है, वह अतुलनीय है।
”संत समागम हरि कथा, तुलसी दुर्लभ दोय।”
ऐसे महान आध्यात्मिक मार्गदर्शक का महुवा की पवित्र भूमि पर पदार्पण हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का क्षण है। स्वामी के पावन चरणों के स्पर्श से महुवा सहित क्षेत्र की धरा धन्य हो गई और यहाँ के वातावरण में सकारात्मकता व शांति का संचार होगा।
उनके दर्शन और विचार हम सभी को सत्य, धर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देंगे।
स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के चरणों में सादर वंदन करते हुए, हम उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हैं। प्रभु से प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन हम सभी पर सदैव बना रहे।
श्री परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद महाराज द्वारा गीता के माध्यम से श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक एवं व्यावहारिक संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनके आध्यात्मिक चिंतन, साधना और मानवता के कल्याण हेतु समर्पित जीवन से देश-विदेश के भी लाखों श्रद्धालु प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं।
भक्तों ने बताया कि श्री परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद
महाराज के पावन सानिध्य में श्री परमहंस आश्रम, पाली (महुवा) में सोमवार को आयोजित त्रिशूल पूजा के साथ भंडारा एवं सत्संगकार्यक्रम दर्शन को लेकर जन सैलाब उमड़ा महुवा शहर के लिए रविवार सोमवार का दिन बेहद ऐतिहासिक और भावुक रहा। ‘यथार्थ गीता’ के प्रणेता, स्वामी अड़गड़ानंद महाराज अपने अल्प प्रवास के बाद सोमवार को दोपहर हेलीकॉप्टर द्वारा महुवा से रवाना हुए। महाराज जी के दर्शन और विदाई के लिए देश भर से आए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरा आसमान ‘जय गुरुदेव’ के जयकारों से गूंज उठा। महाराज जी की कृपा और उनका आशीर्वाद हमेशा महुवा वासियों पर बना रहे यही सभी भक्त कामना करते रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर चिकित्सा विभाग सहित पुलिस प्रशासन सहित आश्रम से जुड़े हुए साधु संत सहित पूरे भारत देश से आए हुए भक्त श्रद्धालु व्यवस्थाएं संभालने के साथ कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में देर शाम तक जुटे रहे।
