तीन लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
सिविल डिफेंस ने बचाई कई ज़िंदगियाँ
(हरिप्रसाद शर्मा)
पुष्कर/ अजमेर/ स्मार्ट हलचल।धार्मिक नगरी पुष्कर में सोमवार को सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई, इसी के साथ अधिक मा का पंच दिवसीय स्नान महा स्नान की महा पूर्णावति हुई।
पवित्र पुष्कर सरोवर में स्नान करने हेतु आस्था का महासैलाब उमड़ा। अधिक मास के समापन पर सोमवती अमावस्या के महास्नान में अब तक भीड़ नहीं आई। जो इससे ज़्यादा लाखों मे सबसे ज़्यादा श्रद्धालु आये । पुष्कर स्नानार्थी आने वाली सबसे ज़्यादा भीड़ रही हैं । चारों ओर भीड़ बेक़ाबू हो गई । जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि करीब 3 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया।
बताया जाता है कि अधिक मास तीन साल में एक बार आने से अधिक मास का समापन सोमवती स्नान के साथ हुआ। शास्त्रों में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पुष्कर सरोवर में स्नान से पितृ दोष दूर होता है और पुष्कर में स्नान से अक्षय पुण्य मिलता है।
दिनभर लगी रही कतारे सोमवती अमावस्या पर जगतपिता ब्रह्मा मंदिर का फूलों और रोशनी से भव्य श्रृंगार किया गया। मंगला आरती के बाद से ही दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गई। ब्रह्मा मंदिर, सावित्री माता मंदिर औरअन्य सभी मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सरोवर के 52 घाटों पर ब्रह्म मुहूर्त से देर शाम तक स्नान का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने 52 घाटों में स्नान कर पुण्य कमाया ।
स्थानीय प्रशासन ने सिविल डिफेंस 30 स्वयंसेवकों को लगा घाटों पर किसी प्रकार का कोई हादसा न हो। तो हादसा को टाला जा सकता है ।
सरोवर के 52 घाटों पर सिविल डिफेंस के 30 स्वयंसेवक तैनात थे। स्नान के दौरान कई युवक गहरे पानी में जाने से डूबने लगे। तैनात स्वयंसेवकों ने फुर्ती दिखाते हुए कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। एक युवक को स्थानीय स्वयंसेवक किशन गोपाल जाट नेनिकाल कर नया जीवन दिया।
गौ घाट पर भीड़ से बिगड़े हालात, बड़ा हादसा टला
सोमवती अमावस्या पर पुष्कर के गौ घाट क्षेत्र में भारी भीड़ के चलते व्यवस्थाएं चरमराती नजर आईं। हालात ऐसे बने कि श्रद्धालुओं का एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना भी मुश्किल हो गया। भीड़ में बच्चे रोते-चिल्लाते दिखे, वहीं बुजुर्ग और महिलाएं काफी परेशान नजर आईं।
गनीमत रही कि भगवान पुष्करराज की कृपा से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। यदि इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बनती, तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे बड़े पर्व पर प्रशासन को पहले से बेहतर भीड़ नियंत्रण, वैकल्पिक मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए थी। गौ घाट के हालात भविष्य के लिए बड़ी चेतावनी हैं।
घाटों ओर बाज़ार में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, खुली प्रशासन की पोल दूसरी तरफ सोमवती अमावस्या का स्नान प्रशासन की नाकामी और लापरवाहियों को भी उजागर कर गया। मुख्य घाटों और परिक्रमा मार्ग पर जगह जगह गंदगी के ढेर लगे रहे। कचरा उठाने की समुचित
व्यवस्था नहीं दिखी। शहर में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर सुबह से भीषण जाम लगा रहा। अजमेर रोड, नागौर रोड और मेड़ता रोड पर वाहन रेंगते नजर आए। श्रद्धालुओं को 2 किलोमीटर पहले ही वाहन छोड़कर पैदल चलना पड़ा। पार्किंग और यातायात प्रबंधन पूरी तरह फेल दिखा। कई बुजुर्ग और महिला श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ी।
सोमवती अमावस्या स्नान के दौरान महिला लापता, परिजन परेशान
सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर पुष्कर सरोवर में स्नान करने आई नागौर जिले के दागड़ी गांव निवासी 60 वर्षीय उमराव कंवर भीड़भाड़ के दौरान अपने परिजनों से बिछड़ गईं। घटना के बाद से परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया।
परिजनों के अनुसार उमराव कंवर सोमवती अमावस्या स्नान के लिए पुष्कर आई थीं। सरोवर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच वे परिवार से अलग हो गईं। इसके बाद से परिजन विभिन्न स्थानों पर उनकी खोजबीन कर रहे हैं तथा आमजन से भी सहयोग की अपील की है।
फल, फूल और आस्था से सजे जगतपिता ब्रह्मा का दिव्य श्रृंगार बना श्रद्धा का केंद्र
तीर्थराज पुष्कर में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर स्थित विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर में जगतपिता ब्रह्मा का विशेष एवं भव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। फल, फूल और रंग-बिरंगी प्राकृतिक सजावट से अलंकृत ब्रह्मा जी की दिव्य छवि ने मंदिर परिसर को अलौकिक आभा से भर दिया। सुबह से ही मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा और हजारों श्रद्धालुओं ने ब्रह्मा जी के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
