प्रख्यात धर्म गुरू स्वामी गोविन्द देव गिरी प्रवचनों में देंगे जीवन प्रबंधन एवं सुखी जीवन के गुर

भीलवाड़ा प्रवास में 18 व 19 जून को रात्रिकालीन प्रवचन एवं 19 जून को करेंगे माहेश्वरी हॉस्टल का शुभारंभ

भीलवाड़ा,16 जून। स्मार्ट हलचल।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष एवं श्री कृष्ण जन्मभूमि न्यास मथुरा के उपाध्यक्ष विख्यात धर्म गुरू स्वामी गोविन्द देव गिरी धर्मनगरी भीलवाड़ा में पहली बार 18 व 19 जून को दो दिवसीय कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पधारे रहे है। इस दौरान 18 व 19 जून को तेरापंथ नगर स्थित सभागार में रात्रिकालीन प्रवचन होंगे एवं 19 जून सुबह ए.बी.माहेश्वरी एजुकेशनल ट्रस्ट भीलवाड़ा द्वारा नवनिर्मित श्री प्रभुलाल जगदीशप्रसाद सोमानी माहेश्वरी हॉस्टल का शुभारंभ होगा। इस आयोजन से जुड़ी तैयारियां पूरी की जा चुकी आयोजक ए.बी.माहेश्वरी एजुकेशनल ट्रस्ट भीलवाड़ा के संचालक जगदीशप्रसाद,नवनीत कुमार, श्लोक सोमानी परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को स्वामी गोविन्द देव गिरी के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।
ट्रस्ट के श्याम सुंदर सोमानी ने बताया कि देश में 50 से अधिक प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं का मार्गदर्शन करने वाले धर्म गुरू स्वामी गोविन्द देव गिरी के भीलवाड़ा आगमन के बाद 18 जून को शाम 7 से रात 9 बजे तक एवं 19 जून को रात 8 से 10 बजे तक प्रवचन चित्तौड़ रोड आरओबी के पास स्थित तेरापंथ नगर सभागार में आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान विविध भाषाओं के ज्ञाता आध्यात्मिक धर्म गुरू पूज्य स्वामी गोविन्द देव गिरी जीवन प्रबंधन, सुखी जीवन, सफल जीवन जीने की कला पर प्रवचन देंगे। इनके माध्यम से वह बताएंगे समय, संकल्प ओर संतुलन सफल जीवन की नींव है। जो जीवन को संवारे वहीं सच्चा प्रबंधक है। जिसने जीवन को जाना ओर समझ लिया उसका जीना सफल है। दो दिवसीय प्रवचन आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी की जा चुकी है एवं श्रद्धालुओं में इसे लेकर उत्साह का माहौल है।

ट्रस्ट के नवनीत सोमानी ने बताया कि स्वामी गोविन्द देव गिरी दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन 19 जून को सुबह 9 बजे भीलवाड़ा में द ग्र्रीन्स कॉलोनी के पास 200 फीट रिंग रोड पर अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के तत्वावधान में ए.बी.माहेश्वरी एजुकेशनल ट्रस्ट भीलवाड़़ा द्वारा नवनिर्मित श्री प्रभुलाल जगदीश प्रसाद सोमानी माहेश्वरी छात्रावास का भव्य उद्घाटन करेंगे। मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश व एवं भारतीय विधि आयोग के अध्यक्ष दिनेश माहेश्वरी होंगे। विशिष्ट अतिथि प्रमुख उद्योगपति व समाजसेवी रामपाल सोनी एवं अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के सभापति संदीप काबरा होंगे। उद्घाटन के बाद शुभारंभ समारोह सुबह 9.15 तेरापंथ नगर सभागार स्वामी गोविन्ददेव गिरी महाराज के सानिध्य में होगा।
उन्होंने बताया कि 104 छात्रों की आवास की क्षमता वाले करीब 15 करोड़ की लागत से नवनिर्मित 6 मंजिला छात्रावास में सर्वसुविधायुक्त ए.सी. कक्ष, भोजन कक्ष, कैफेटेरिया, कम्प्यूटर लैब, 100 छात्रों की क्षमता वाला हॉल, सीसी टीवी कैमरा, दो लिफ्ट आदि की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। इसे सामाजिक स्तर पर लागत मूल्य पर संचालित किया जाएगा।

*भीलवाड़ा में उच्च अध्ययन एवं कोचिंग के लिए आने वाले छात्रों को मिलेगी सुविधा*

ए.बी.माहेश्वरी एजुकेशनल ट्रस्ट भीलवाड़ा के ट्रस्टी श्लोक सोमानी ने बताया कि छात्रावास संचालन का मुख्य उद्देश्य भीलवाड़ा में उच्च अध्ययन एवं प्रोफेशनल कोर्सेज की कोचिंग व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आने वाले माहेश्वरी समाज के छात्रों को कम लागत मूल्य पर बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ सर्वसुविधायुक्त आवास सुविधा उपलब्ध कराना है। छात्रावास केवल आवास सुविधा नहीं होकर छात्रों को शिक्षा, संस्कार एवं व्यक्तिव विकास के क्षेत्र में नई उंचाईयां प्राप्त करने के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करेंगा। इस अवसर पर कार्यक्रम मीडिया प्रभारी महावीर समदानी, प्रभात सोमानी, सीए अतुल सोमानी भी उपस्थित थे।

*कौन है प्रख्यात धर्मगुरू स्वामी गोविन्द देव गिरी महाराज*

कार्यक्रम मीडिया प्रभारी महावीर समदानी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष एवं श्री कृष्ण जन्मभूमि न्यास मथुरा के उपाध्यक्ष विख्यात धर्म गुरू स्वामी गोविन्द देव गिरी का जन्म 1949 में महाराष्ट्र के बेलापुर गांव में हुआ। उन्होंने काशी में अध्ययन कर वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय से आचार्य की उपाधि प्राप्त की। कांची कामकोटि शंकराचार्य पूज्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती महाराज से अनुग्रह दीक्षा एवं महामंडलेश्वर पूज्य गुरूदेव स्वामी श्री सत्यमित्रानंद गिरी महाराज से सन्यास दीक्षा अंगीकार की। उन्होंने गुरू के आशीर्वाद से जीवन के 15 वें वर्ष से गीता प्रवचन एवं 17वें वर्ष से परम्परागत भागवत कथा का वाचन प्रारंभ कर दिया। संस्कृत, हिंदी, मराठी, अंग्रेजी, गुजराती, मारवाड़ी आदि भाषाओं के ज्ञाता स्वामी गोविन्द देव गिरी भारतमाता मंदिर एवं समन्वय परिवार के माध्यम से श्रीमद् भागवत, श्रीराम चरित्र, महाभारत, उपनिषद, देवी भागवत, हनुमान कथा, शिव महापुराण, श्रीरामकृष्ण-विवेकानंद दर्शन, भारतीय प्रबंधन शास्त्र आदि पर कथा प्रवचन एवं व्याख्यान करते है। वह ज्ञानयज्ञार्थ देश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ अमरीका,इंगलैड, कनाड़ा, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, थाईलैण्ड, जर्मनी, इंडोनेशिया, कम्बोडिया सहित दुनिया के विभिन्न देशेां में प्रवास कर चुके है।