भवानी मंडी SDO कोर्ट का अभूतपूर्व कीर्तिमान: सालाना औसत 112 से सीधे 1,892 पार पहुंचा राजस्व निपटान, 10 साल पुराने केस पूरी तरह खत्म

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भवानी मंडी SDO कोर्ट का अभूतपूर्व कीर्तिमान: सालाना औसत 112 से सीधे 1,892 पार पहुंचा राजस्व निपटान, 10 साल पुराने केस पूरी तरह खत्म

उपखंड अधिकारी श्रद्धा गोमे के राजस्व न्यायालय ने रचा इतिहास; निपटान दर में 1,344% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 60 साल पुराना मेला मैदान विवाद सुलझा, खेल स्टेडियम के लिए भूमि आवंटित
विशेष प्रशासनिक रिपोर्ट: रणवीर सिंह चौहान (भवानी मंडी)

भवानी मंडी, 17 जून 2026। भवानी मंडी के उप-खंड अधिकारी श्रद्धा गोमे के राजस्व न्यायालय ने संस्थागत सुधार की एक अभूतपूर्व इबारत लिखी है। भवानी मंडी एस.डी.ओ कोर्ट ने वर्ष 2025-2026 के दौरान चालू माह तक रिकॉर्ड 1,892 मामलों का ऐतिहासिक निस्तारण किया है। यह पिछले वर्षों के औसत वार्षिक निपटान (112 मामले) की तुलना में 1,344.64% की अभूतपूर्व वृद्धि है।

न्यायालय की मुख्य और ऐतिहासिक उपलब्धियां:

* 10 वर्ष से पुराने जटिल मुकदमों का 100% निस्तारण किया गया, जो पिछले 5 सालों से शून्य था।
* 5 वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों को रिकॉर्ड गति से निपटाते हुए 112 से घटाकर मात्र 19 पर लाया गया।
* राजस्व आवेदनों के निस्तारण की पूर्व दर 18.5% से बढ़कर इस वर्ष 94.54% के अद्वितीय स्तर पर पहुंची।

महत्वपूर्ण भू-विवादों का समाधान और सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण:
न्यायालय ने उप-खंड की बेशकीमती और लगभग 60 साल पुराने कानूनी विवाद में फंसी “मेला मैदान” भूमि का निपटारा कर स्वामित्व नगर पालिका को हस्तांतरित किया, जहां अब खेल स्टेडियम बनेगा। इसके अतिरिक्त, सेवा शिविरों के माध्यम से कुल 1,068 बीघा से अधिक मूल्यवान सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया तथा प्राचीन शिवालय मंदिर, राम मंदिर मांडवी, दुर्गा मंदिर और ठाकुर जी मंदिर पिपलिया सहित विभिन्न आस्था केंद्रों की भूमियों को विवादों से मुक्त किया गया।

‘द्वार-द्वार न्याय’ – मोबाइल कोर्ट की अभिनव पहल:
नियमित अदालती कामकाज से आगे बढ़कर, चल रहे शहरी और ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से न्याय को सीधे जनता के द्वार तक पहुँचाया गया। ग्रामीण सेवा शिविर के अंतर्गत 27 ग्राम पंचायतों में मोबाइल कोर्ट का आयोजन कर, राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 136 के तहत 5,132 राजस्व आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी श्रद्धा गोमे ने इस सफलता का श्रेय राज्य सरकार, जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन, कोर्ट स्टाफ के परिश्रम और आमजन के विश्वास को दिया है।