राजस्थान में दुर्लभ खनिजों की खोज को पंख: जोधपुर व बालोतरा के 207 वर्ग किमी क्षेत्र में ‘रेयर अर्थ एलिमेंट्स’ के अन्वेषण को हरी झंडी

जोधपुर-बालोतरा | खनिज क्रांति | भजनलाल सरकार का फैसला

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में राज्य सरकार का बड़ा फैसला; शेरगढ़ के देवीगढ़ और नवातला में होगा वैज्ञानिक सर्वे, देश के चुनिंदा राज्यों की सूची में शामिल होगा मरुधरा
 स्मार्ट हलचल ब्यूरो (जोधपुर)

जोधपुर, 17 जून 2026। स्मार्ट हलचल।राजस्थान में दुर्लभ खनिजों की खोज की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में राज्य सरकार ने दो जिलों में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ खनिज) के अन्वेषण को मंजूरी दे दी है। इसके तहत जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील के देवीगढ़ क्षेत्र और बालोतरा जिले के नवातला क्षेत्र में कुल 207.63 वर्ग किलोमीटर इलाके में वैज्ञानिक तरीके से खनिज सर्वे और जांच की जाएगी। इस निर्णय से प्रदेश में भविष्य में खनन, उद्योग और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

क्या होते हैं ‘रेयर अर्थ एलिमेंट्स’ और क्यों है इनकी भारी मांग:

रेयर अर्थ एलिमेंट्स ऐसे दुर्लभ खनिज होते हैं, जो पृथ्वी में सीमित मात्रा में पाए जाते हैं। इनमें कुल 17 प्रकार के तत्व शामिल होते हैं, जिनमें नियोडिमियम, लैंथेनम और सेरियम प्रमुख हैं। इन तत्वों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), मोबाइल फोन, कंप्यूटर, सोलर पैनल, पवन ऊर्जा उपकरण, रक्षा प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर इन खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है।

देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल हो सकता है राजस्थान:
जोधपुर जिले के देवीगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से भूगर्भीय संभावनाओं को देखते हुए खनिज अन्वेषण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। राज्य सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद अब संबंधित एजेंसियां भू-वैज्ञानिक सर्वे, मिट्टी और चट्टानों के नमूने एकत्र करने के साथ उनकी प्रयोगशाला में जांच का कार्य शुरू करेंगी। इन अध्ययनों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि क्षेत्र में रेयर अर्थ एलिमेंट्स की उपलब्धता कितनी है और उनका व्यावसायिक दोहन संभव है या नहीं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अन्वेषण के परिणाम सकारात्मक आते हैं तो भविष्य में यहां खनन गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। खनिजों की खोज की प्रक्रिया में पहले भू-वैज्ञानिक सर्वे किया जाता है, जिसके बाद विभिन्न स्थानों से नमूने लेकर उनकी वैज्ञानिक जांच की जाती है। यदि रिपोर्ट में पर्याप्त मात्रा में खनिजों की पुष्टि होती है, तो आगे व्यावसायिक खनन की संभावनाओं पर विचार किया जाता है। राज्य सरकार के इस फैसले को राजस्थान के खनिज और औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।